आशा कार्यकर्ता की सजगता से सुरक्षित हुआ मां और नवजात का जीवन

 

सीहोर, 05 नवम्बर 2026

      स्वास्थ्य सेवाओं में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका केवल गर्भवती महिलाओं का पंजीयन और स्वास्थ्य जांच कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर उनकी सजगता और तत्परता मां और बच्चे के जीवन की रक्षा में भी महत्वपूर्ण साबित होती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी इछावर विकासखंड के ग्राम बिशनखेड़ी की है, जहां आशा कार्यकर्ता श्रीमती सीमा सूर्यवंशी की सूझबूझ और जिम्मेदारी से एक उच्च जोखिम गर्भावस्था का सुरक्षित प्रसव संभव हो सका।

            ग्राम बिशनखेड़ी निवासी श्रीमती सुगन बाई की गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच में उनका बीपी लगातार बढ़ा हुआ पाया गया। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला के रूप में चिन्हित किया गया। ऐसे में गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक था।

            इस चुनौतीपूर्ण समय में आशा कार्यकर्ता श्रीमती सीमा सूर्यवंशी ने अपनी जिम्मेदारी पूरी सजगता से निभाई। उन्होंने गर्भवती महिला का नियमित फॉलोअप किया, समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श दिया और उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। प्रसव का समय आने पर वे सुगन बाई को लेकर सिविल अस्पताल इछावर पहुंचीं। चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला की स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्था में रेफर कर दिया। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि प्रसव में देरी करना मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सीमा सूर्यवंशी ने बिना समय गंवाए गर्भवती महिला को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्था पहुंचाने में तत्परता दिखाई। वहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया। समय पर उपचार और उचित चिकित्सकीय देखभाल के चलते आज मां और नवजात शिशु दोनों स्वस्थ हैं।

            यह कहानी बताती है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सतत निगरानी और समय पर सही निर्णय कितना महत्वपूर्ण होता है। आशा कार्यकर्ता श्रीमती सीमा सूर्यवंशी की सजगता, समर्पण और मानवीय संवेदनशीलता ने एक परिवार की खुशियां सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई।