चार लड़कों ने तीन तीन महीने के लिए बाटी बुजुर्ग माँ की परवरिश
75 वर्षीय बुजुर्ग महिला से बहन ने कहा, खाली करे पिता का मकान
पुलिस पंचायत में जुड़े रिश्तों के बिगड़ते तार
पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर गठित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ प्रशांत चौबे के नेतृत्व में कोर कमेटी सदस्य श्री अनिल पालीवाल, श्री साधु राम शर्मा, श्री कमल सिंह ठाकुर की उपस्थिति में संपन्न हुई।
प्रकरण क्रमांक 01
75 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी की वह अपने पिता के घर में रहती है तथा गत 40 वर्षों से पिता के घर में ही निवास करती है, लेकिन उनकी छोटी बहन उससे मकान खाली करने के लिए कह रही है तथा लगातार दबाव बना रही है। पंचायत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने पक्ष प्रस्तुत किए अनावेदक का कहना है कि उनके पिता के द्वारा अनावेदक के नाम पर बसीयत की गई है तथा वसीयत की प्रति वह लेकर नहीं आए। आवेदीका तथा अनावेदक कुल आठ बहन हैं तथा कोई भाई नहीं है। आवेदिका एवं अनावेदिका अलग अलग मकानों में जो कि पिता के हैं, निवास करते हैं। पंचायत के द्वारा सुनवाई पर स्पष्ट किया गया कि आवेदिका चूंकि लंबे समय से 40 वर्ष लगभग से मकान में निवासरत है, अतः उससे अनावेदिका मकान खाली करने के लिए दबाव नहीं डाल सकती। यदि कोई बसियत प्रकरण में किसी भी पक्ष के पास है, तो वह इस हेतु सक्षम न्यायालय में आवेदन कर सकती है। लेकिन जबरदस्ती दबावपूर्वक मकान खाली करने के लिए, बुजुर्ग महिला को दबाव नहीं डाला जा सकता।
प्रकरण क्रमांक 02
ग्रामीण क्षेत्र के सीनियर सिटीजन ने शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया की अनावेदक पक्ष के द्वारा आवेदक
खेत का रास्ता रोक दिया गया है। जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है पंचायत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुना गया तथा
मुख्य रूप से आनावेदक के द्वारा जानकारी के अभाव में रास्ता रोकना पाया गया। पंचायत के द्वारा बताया गया कि विधितः आवेदक का अधिकार स्पष्ट है। रास्ता रोका जाना विधि सम्मत नहीं दोनों पक्षों की सहमति से रास्ता देने, उभर पक्ष तैयार हुए। आवेदक के द्वारा पंचायत का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
प्रकरण क्रमांक 03
ग्रामीण क्षेत्र के 65 वर्षीय सीनियर सिटीजन ने शिकायत की कि उनके चार बेटे दो बेटियां हैं तथा सम्पत्ति कुछ गाँवों में तथा कुछ भोपाल में स्थित है, बंटवारे कर दिए गए हैं लेकिन बार बार एक बेटे से वर्षीय सीनियर सिटीजन ने शिकायत की कि उनके 4 बेटे दो बेटियां हैं तथा सम्पत्ति कुछ गाँवों में तथा कुछ भोपाल में स्थित है, बंटवारे कर दिए गए हैं लेकिन बार बार एक बेटे से विवाद होता है मारपीट, मुकदमे आदि चल रहे भरण।पोषण के प्रकरण भी चल रहे हैं लेकिन निराकरण नहीं हो पा रहा है। आवेदक की पत्नी बीमार रहती है, चारों बेटों ने 03 -03 माह तक माँ को अपने पास रखने का फैसला किया था, लेकिन उसमें भी परेशानी आ रही है।
पंचायत में सुनवाई के दौरान पंचायत के द्वारा परामर्श दिया गया कि जिन बच्चों को बचपन से माँ बाप ने कितनी परेशानी झेलकर पाला बड़ा किया। वही बच्चे आज इतनी बुजुर्ग माँ को रखने के नाम पर बंटवारा कर रहे हैं। यह उचित नहीं है। सम्पत्ति उपलब्धता से अधिक उसके विवाद के केस हो चुके हैं, जिनमें सभी परेशान हो रहे हैं। अतः सभी को नए सिरे से विचार कर विवादों का हल करना चाहिए। झगड़ों का कोई अंत नहीं,यदि सब लोग समझदारी से काम न करें तो। इसलिए सभी पुरानी बातें भूलकर एक राय बनानी पड़ेगी। प्रकरण में तय हुआ कि गाँव की जो भी भूमि है वह छह भागों में बांटी जाएगी तथा आवश्यकतानुसार सभी उपयोग करेंगे। माँ बाप के भरण, पोषण का विशेष ध्यान सभी मिलकर रखेंगे। मां जहाँ चाहे अपनी मर्जी से रह सकेगी। प्रकरण में भविष्य में कोई विवाद नहीं करने पर सहमति बनी।
प्रकरण क्रमांक 04
मंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत निवास करने वाला सीनियर सिटीजन के द्वारा शिकायत की गई थी की उनका घर जाने का रास्ता पड़ोसी के द्वारा रेस सामान आदि डालकर बंद कर दिया गया है, जिससे दिक्कत आ रही है। बोलने पर वह लड़ने पर आमादा हो जाता है। पंचायत में सुनवाई के दौरान आनावेदक ने उपस्थित होकर समस्या का तुरंत समाधान करने के लिए प्रण किया तथा अब कोई शिकायत नहीं आई बात कही। इस पर आवेदक सहमत हुआ तथा पुलिस पंचायत के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया
पंचायत में अन्य प्रकरणों की भी सुनवाई की गई कुछ प्रकरणों में अपने दस्तावेज, स्पष्टीकरण, या पक्षों की उपस्थिति हेतु आगामी तिथि निर्धारण किया गया।
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