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प्रधानमंत्री सड़क के मान से मुआवजा राशि लेने से किसानों ने किया इंकार,आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कमिश्नर के नाम दिया ज्ञापन

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प्रधानमंत्री सड़क के मान से मुआवजा राशि लेने से किसानों ने किया इंकार
नेशनल हाईवे नम्बर 46 के पास है हमारी कृषि भूमि,
प्रधानमंत्री सड़क के मान से दे रहे है मुआवजा राशि,  
आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कमिश्नर के नाम दिया ज्ञापन

सीहोर। आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मंगलवार को कमिश्नर के नाम ज्ञापन दिया है। रामगंज मंडी से भोपाल तक निर्माणाधीन रेल्वे लाईन में ग्राम बिछिया के किसानों की भूमि अधिगृहण की जा रही है। किसानों को प्रधानमंत्री सड़क के पास भूमि होने के मान से सरकार मुआवजा राशि दे रहीं है। जबकी किसानों की कृषि भूमि नेशनल हाईवे नम्बर 46 के पास है जिस कारण जमीन की कीमत काफी अधिक है। किसानों ने पर्याप्त मुआवजा राशि देने की मांग सरकार से की है।

अखिल भारतीय किसान सभा के प्रांतीय महासचिव प्रहलाद दास बैरागी ने कहा की श्यामपुर तहसील के ग्राम बिछिया के कृषकों की भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनव्र्यवास्थापन के उचित प्रबंध नहीं किए जा रहे है। अधिनियम 2013 का पालन करते हुए किसानों के मौलिक अधिकार एवम संवैधानिक अधिकार की रक्षा नहीं की जा रही है। यह भूमी राष्ट्रीय राज्य मार्ग 12 वर्तमान में 46 नबर से लगी हुई है भू अर्जन सूचना पत्र किसानों को प्रेषित किया गया लेकिन उसमें विसंगति है। रेल्वे लाईन जहां से निकल रही है सभी ग्रामों की भूमि की दूरी राष्ट्रीय राजमार्ग से समान है। इस के बावजूद ग्राम बिछिया के किसानों की भूमि को प्रधानमंत्री सड़क के पास बताया जाकर काफी कम मुआवजा राशि दी जा रही है जिस का किसानों के द्वारा विरोध किया जा रहा है।

  किसान ग्राम बिछिया के मूल निवासी एवं सीमांत श्रेणी के कृषक है। जिस भूमि में से रेलवे लाईन निकाली जा रही है उस भूमि पर सक्षम अधिकारियों द्वारा कृषकों के समक्ष मोके पर स्थल निरीक्षण कर स्थाई सीमा चिन्ह के तौर पर खुटियाँ गढ़ाई जा चुकी है। किसानों को भूमि का मुआवजा 18 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर के मान से निर्धारित किया गया है जो की वैधानिक दृष्टि से न्यायोचित नहीं है। ग्राम बिछिया की समस्त भूमि नहर से सिंचित भूमियां है।

उक्त समस्त भूमियां राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी हुई है। भूमि के दोनों तरफ  राष्ट्रीय राजमार्ग बना है बावजूद इस के मुआवजा प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत निर्धारित किया जा रहा है। इससे कृषको के हितों पर कुठाराघात होगा। किसानों को न्यायालय के चक्कर लगाना पड़ेगा। किसानों के हित में इसकी जांच के लिए टीम गठित की जाए और राष्ट्रीय राजमार्ग के अनुसार ही किसानों को मुआवजे का निर्धारण करने की कार्यवाही कराई जाने की मांग की जा रही है।
मांग करने वालों में प्रहलाद दास बैरागी, भानू प्रकाश मेवाड़ा, बने सिंह, हबीब खान, रसीद भाई, अवतार सिंह, जसमत सिंह, लाइक भाई, शिवकरण, राशिद खा,
मोहन सिंह, बने सिंह, राजा भाई, कौशल्या बाई,अटल सिंह, शहीद खान, जसवंत सिंह, लक्ष्मीनारायण, भगवती आदि शामिल रहे।

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