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सीहोर : श्रद्धालुओं ने अष्ट गंध से किया श्रीयंत्र का अभिषेक एक हजार लाल गुंजा से किया ब्राहम्णों के साथ सहस्त्रार्चन

सीहोर : श्रद्धालुओं ने अष्ट गंध से किया श्रीयंत्र का अभिषेक एक हजार लाल गुंजा से किया ब्राहम्णों के साथ सहस्त्रार्चन

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श्रद्धालुओं ने अष्ट गंध से किया श्रीयंत्र का अभिषेक एक
हजार लाल गुंजा से किया ब्राहम्णों के साथ सहस्त्रार्चन

विश्वशांति और समृद्धी के लिए यज्ञ में दी गई 21 सौ आहुतियां

सीहोर। रविवार को श्रीं शक्ति सेवा संस्थान के द्वारा सौभाग्य पैलेश में आयोजित स्फटिक श्रीयंत्र प्राण प्रतिष्ठा महालक्ष्मी अनुष्ठान में अष्ट गंध से से श्रीयंत्र का अभिषेक किया गया। जिस के बाद श्रद्धालुओं ने किया एक हजार लाल गुंजा से सहस्त्रार्चन किया।

यजमानों श्रद्धालुओं के मध्य ज्योतिषाचार्य अनिल सोनी ने कहा की अनुष्ठान में अभिमंत्रित की गई इलाईची, मूंगा, लोंग, गोमतीचक्र, कमल गटटे, हल्दी गांठ, स्फेटिक की माला श्रीयंत्र पीलीकोड़ी, मोती, रोली, लालगुंजा, अक्षत, हल्दी को घर और दुकानों के मंदिरों कार्यालयों सहित अन्य कार्य स्थल पर पवित्र स्थानों पर रखने सहित गले में धारण करने से श्रद्धालुओं को धार्मिक लाभ प्राप्त होता है। श्रद्धालुओं ने विधिविधान से गौमाता,लक्ष्मीरूपा कन्या और देवरूप ब्राहम्णों का पूजन अर्चन किया। कार्यक्रम में ऑनलाईन सम्मिलित होकर विभिन्न राज्य के और स्थानीय श्रद्धालु यजमानों ने स्फटिक श्रीयंत्र प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान किया। विश्वशांति और श्रद्धालुओं की सुख शांति समृद्धी के लिए यज्ञ में यजमानों के साथ 21 सौ आहुतियां दी गई।

ज्योतिष आचार्य श्री सोनी ने कहा की अभिमंत्रित की गई सामग्री को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने भर से सभी संसारिक कष्ट नष्ट हो जाते है। श्री यंत्र के स्थापन मात्र से भगवती लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। कार्य स्थल पर श्रीयंत्र की नित्य पूजन करने से व्यापार में वृद्धि और विकास होता है। घर पर नित्य पूजन करने से संपूर्ण दांपत्य सुख प्राप्त होता है। यह सभी प्रकार के वास्तु दोष भी दूर करता है। नवग्रह की शान्ति, में भी लाभ देता है, श्रीयंत्र का नित्य ध्यान लगाने से मानसिक क्षमता में वृद्धि होती है, तेज आकर्षण प्रदान करता है, सभी प्रकार के सुखो में वृद्धि श्रीयंत्र करता है। यज्ञाचार्य सौरभ शास्त्री के अनुसार सोमवार को अनार के रस से महालक्ष्मी श्रीयंत्र का अभिषेक किया जाएगा और एक हजार तुलसी पत्र से सहस्त्रार्चन किया जाएगा। 

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