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सीहोर : कलेक्टर ने किया रिज एंड फरो सिस्टम से सोयाबीन बुआई का निरीक्षण उन्नत बीज और नवीनतम पद्धतियों के उपयोग की दी सलाह

अमित मंकोडी

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कलेक्टर ने किया रिज एंड फरो सिस्टम से सोयाबीन बुआई का निरीक्षण

उन्नत बीज और नवीनतम पद्धतियों के उपयोग की दी सलाह

सीहोर 16 जून,2021

      जिले में किसानों द्वारा विभिन्न पद्धतियों से सोयाबीन बुआई का कार्य किया जा रहा है। भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर ने किसान के खेत में पहुंचकर रिज एंड फरो सिस्टम से सोयाबीन बुआई का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इस पद्धति से बुआई एवं अंकुरित बीज किस तरह सुरक्षित रखने के संबंध जानकारी ली।

     कलेक्टर ने सभी किसानों से कहा कि अधिक मुनाफे के लिए उन्नत बीज और खेती की नवीनतम पद्धतियों का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने किसानों से इस क्षेत्र में की जाने वाली खेती के बारे में विस्तार से चर्चा की।

रिज एंड फरो पद्धति से होगी बोवनी तो बढ़ेगा तीस फीसदी उत्पादन

      कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक सोयाबीन की बोवनी के लिए यह नई पद्धति है, जिसे मेढ़ नाली पद्धति भी कहा जाता है। इस पद्धति से बोवनी करने पर उत्पादकता में 25 से 30 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी होती है। इसकी बोवनी के लिए सीड ड्रिल में मामूली परिवर्तन कर सोयाबीन बोई जाती है। बोवनी करते वक्त बीज नाली में न रह कर मेढ़ पर आ जाता है और नाली खाली रहती है। इसमें बीज की मात्रा 13.14 किलोग्राम प्रति बीघा लगती है, साथ ही बोवनी के तुरंत बाद भी लगातार वर्षा होने पर भी अंकुरण शत-प्रतिशत रहता है। यही नहीं अति वर्षा होने पर पानी नालियों से बाहर निकल जाता है और पौधा मेढ़ पर सुरक्षित रहता है, वहीं कम वर्षा होने पर नालियों में पानी भरा रहता है और मेढ़ पर लगे पौधे को दोनों ओर से नमी मिलती रहती है। इस पद्धति में सोयाबीन के पौधे पर्याप्त दूरी पर रहते हैं जिससे पौधों का विकास अच्छा होता है।

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