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आष्टा : किलेरामा में हुए संतश्री के पाद प्रक्षालन।

अमित मंकोडी

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किलेरामा में हुए संतश्री के पाद प्रक्षालन।

सात्विकता हमारी दिनचर्या का अंग होनी चाहिए। मन और तन के साथ ही वचनों की शुद्धि भी परम् आवश्यक है। आष्टा में आस्था विद्यमान है यह और भी गहराए साधु संघ की यही भावना है। पार्वती और पापनाशिनी जैसी पुण्य सरिताओं के संगम स्थल पर बसी इस नगरी में आचार्य भगवन के चरण पड़े सभी नगरवासियों की यह भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है आपकी भक्ति से ही यह सम्भव होगा। धर्म के प्रति निर्दोष अनुराग, विवेकपूर्ण क्रिया कलाप का लाभ अवश्य मिलता है। यह दिव्य संदेश आचार्य विद्यासागर जी के शिष्य तथा नगर में विराजमान पूज्य सम्भव सागरजी महाराज के संघस्थ मुनि विराट सागरजी महाराज ने व्यक्त किये। मुनि श्री ने कहा कि युवा वर्ग ही हमारे राष्ट्र की धरोहर है। धर्मवर्धन, राष्ट्र की सेवा और संस्ति के विकास में युवा वर्ग की महती भूमिका है। सेवा और उत्पादन के क्षेत्र में आगे आने के साथ ही युवा उद्यमियो को सांस्तिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना होगा। विराट सागरजी संगम तट के अवलोकन पश्चात श्रद्धालुओं के आग्रह पर ग्राम किलेरामा पहुंचे थे जहां पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार ने परिजन सहित उनकी अगवानी की। वहां मौजूद समस्त श्रद्धालुओ ने श्री फल अर्पित कर मुनि श्री का पाद प्रक्षालन भी किया। जैन समाज के युवा व्यवसायी तथा पंचायत कमेटी सदस्य मनोज जैन सुपर संजय जैन, विकास जैन विजय जैन, सुशील जैन, छीतरमल जैन, जीतमल जैन, जैन पाठशाला प्रभारी मोनिका जैन एवं रानी जैन ने भी अपने प्लांट पर परिवार सहित मुनि श्री की अगवानी की। ज्ञातव्य है कि नगर में आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के शिष्य मुनियो का संघ विराजमान है। मुनि संघ के सानिध्य मे ंजैन समाज की धार्मिक गतिविधिया, शिक्षण तथा साई कालोनी स्थित मंदिर का निर्माण कार्य जारी है। मुनि संघ के निर्देशन में चल रही धार्मिक गतिविधियो के साथ ही नगर में नेमावर में विराजमान आचार्य श्री विद्यासागरजी मुनि महाराज के ंसंभावित आगमन को लेकर उत्साह व्याप्त है। ग्राम किलेरामा में मुनि संघ की अगवानी के अवसर पर मधुसुदन परमार, लक्ष्मीनारायण परमार, राखी सुरेन्द्र परमार एडवोकेट, वीरेन्द्र परमार एडवोकेट, लोकेन्द्र परमार, मनीष जैन आदि लोग मौजूद थे।

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