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सीहोर : रंगोली प्रतियोगिता में उकेरा मध्यप्रदेश के लोक नृत्य

सीहोर : रंगोली प्रतियोगिता में उकेरा मध्यप्रदेश के लोक नृत्य

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रंगोली प्रतियोगिता में उकेरा मध्यप्रदेश के लोक नृत्य

सीहोर। शहर के बस स्टैंड स्थित टाउन हाल में छात्राओं ने डॉटेड और फ्री हेंड रंगोली बनाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस मौके पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, इस मौके पर बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने मध्यप्रदेश के लोक नृत्य सहित अन्य की रंगोली उकेरा। इस मौके पर निर्णायक मंडल ने सभी को प्रमाण-पत्र आदि का वितरण किया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए रंगोली कला केन्द्र की प्रशिक्षक जया राठौर ने बताया कि रविवार को परम्पराओं को आगे बढ़ाने के साथ प्रतिभाओं को मंच देने के लिए जय शिवाय आर्ट एंड क्रापट स्कूल के तत्वाधान में शहर के बस स्टैंड पर रंगोली बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें प्रतिभागी मुस्कान ने रंगोली से मध्यप्रदेश की प्राचीन सभ्यता गौड़ आर्ट, टीना ने महारानी लक्ष्मी बाई, धु्रव ने लोक नृत्य, दिव्यांश राठौर ने भगवान गणेश, दिशा राठौर ने प्राचीन पोशक और वांशिका राठौर ने नृत्य आदि की आकृति उकेरी। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी राकेश शर्मा यहां पर स्पर्धा में शामिल कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रंगोली शब्द सुनते ही दिलों-दिमाग में रंगों की उमंगें हिलौरें लेने लगती है। शुभ मौके पर घर के द्वार में रंगोली सजाना हमारी भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा है और हमें हमारे वास्तविक रीति रिवानों से बांधे रखती है। आदि काल से चली आ रही इस परंपरा का वजूद कायम है। पहले विभिन्न रंगों से घर-आंगन में रंगोली सजाई जाती थी, लेकिन वर्तमान में आधुनिक चकाचौंध में परम्परागत रंगोली की कद्र घटती जा रही है। लोग आजकल रेडिमेड रंगोली लाकर घरों को सजा रहे है। रंगोली के बिना दीपावली अधूरी है। ग्रामीण क्षेत्र के कई घरों में आज भी यह परंपरा कायम है। तथा कई इलाकों में दिवाली के पांचों दिन घरों में अलग-अलग प्रकार की रंगोली बनाकर पूजा की जाती है। हमारी परम्परा को आगे बढ़ाने के लिए रंगोली प्रशिक्षक जया राठौर, शुभम राठौर आदि ने रंगोली प्रतियोगिता कराई है। इस मौके पर सभी को प्रमाण पत्र का वितरण भी किया गया।

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