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रक्तदान को लेकर लोगों में भ्रांतियां, दूर करने के लिए जागरूकता जरूरी-डॉ. नवीन मेहर

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विश्व रक्तदान दिवस पर आधा दर्जन से अधिक को दिया जीवनदाता सम्मान
रक्तदान को लेकर लोगों में भ्रांतियां, दूर करने के लिए जागरूकता जरूरी-डॉ. नवीन मेहर


सीहोर। रक्तदान से हम बीमार मरीज की जान बचा सकते है। रक्तदान करना चाहिए। इससे समाज में समरसता को बढावा मिलने के अलावा किसी की जिंदगी भी बचाई जा सकती है। रक्तदान को लेकर लोगों में काफी भ्रांतियां है जिसको दूर करने के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। उक्त विचार शहर के चाणक्यपुरी में मंगलवार को प्रियल वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वाधान में विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर जीवनदाता सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि जिला अस्पताल में पदस्थ आरएमओ डॉ. नवीन मेहर ने कहे। उन्होंने कहा कि देश में रक्तदान के प्रति रूचि बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रयास बहुत ही सार्थक है।
इस मौके पर फाउंडेशन के संचालक हिमांशु निगम ने कहा कि रक्त की जरूरत कब किस इंसान को पड़ जाए, कहा नहीं जा सकता। क्या पता आपके खून की कुछ बूंदे किसी जरूरतमंद की सांसों को थमने से रोक दें। प्रचार-प्रसार के बावजूद आज भी बहुत से लोगों के दिलोदिमाग में रक्तदान को लेकर कुछ गलत धारणाएं विद्यमान हैं। यही वजह है कि बहुत प्रयास के बावजूद बमुश्किल कम रक्त उपलब्ध हो पाता है। आमजन को रक्तदान के लिए प्रेरित करने और उसके फायदे समझाने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरण अभियान चलाया जाए। रक्तदान विषय को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। रक्तदान करने वालों को हर जगह मान-सम्मान मिलना चाहिए, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हों। हमारे द्वारा रक्तदान करने वालों को जीवन दाता सम्मान मात्र एक पहल है। इसके अलावा आगामी दिनों में जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से पूरे जिले में अभियान चलाया जाएगा।
इस संबंध में फाउंडेशन की कार्यकर्ता हर्षिता परमार ने बताया कि मंगलवार को संस्था के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी नवीन सोनी सहित अन्य का सम्मान किया गया। श्री सोनी ने स्वप्रेरित होकर करीब 48 बार रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद की है। हमारे शहर में अनेक ऐसे युवा और व्यक्ति है जो सूचना मिलने के बाद रक्तदान के लिए पहुंच जाते है। लोगों की इस धारणा पर विराम लगे कि रक्तदान से शरीर में कमजोरी आती है। रक्तदान महादान है, रक्तदान से कोई बड़ा पुण्य नहीं जैसी बातों से लोगों को प्रेरित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। रक्तदान का महत्त्व बताया जाए। रक्तदान से न कमजोरी आती और न कोई दूसरा खतरा, इस बात का प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि रक्तदाताओं के अलावा रक्तदान करने में हर समय तत्पर रहने वाले ब्लड बैंक के अंबर मालवीय, गोपाल राठौर, गौरव यादव आदि का सम्मान भी किया गया।

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