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सीहोर : जिला न्यायालय सहित सभी तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत आयोजित

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जिला न्यायालय सहित सभी तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत आयोजित

सीहोर 09 मार्च,2019

      राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा दिये गये निर्देश के आलोक में माननीय जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री ऋषभ कुमार सिंघई के मार्गदर्शन में जिला सीहोर एवं समस्त तहसील में शनिवार  को जिला न्यायालय परिसर में मां सरस्वती की प्रतिमा एवं गांधी की प्रतिमा में पुष्पमाला अर्पित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया गया।

     कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्री गणेश शंकर मिश्रा,पुलिस अधीक्षक श्री शशीन्द्र कुमार चौहान, प्रधान न्यायाधीश सुश्री नीना आशापुरे, विशेष न्यायाधीश श्री अफसर जावेद खान, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश सुश्री अनिता बाजपेई,द्धितीय अपर जिला न्यायाधीश श्री नवीन कुमार शर्मा, तृतीय अपर जिला न्यायाधीश श्रीमती स्मृतासिंह ठाकुर तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री शिवलाल केवल, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री जफर इकबाल,श्रीमती सुनीता गोयल, श्रीमती ज्योत्सना आर्य, सुश्री रिनीखान, श्री भारतसिंह रघुवंशी, श्रीमती जागृति सचिन चंद्रिकापुरे एवं ट्रेनी जज कु.ऋचा बठेला,कु. के.शिवानी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्री एस.के. नागोत्रा तथा जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री शरद जोशी एवं सचिव श्री लखन परमार एवं अन्य अधिवक्तागण तथा जिला न्यायालय के समस्त कर्मचारिगण उपस्थित थे।

      नेशनल लोक अदालत के शुभारंभ कार्यक्रम के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री ऋषभ कुमार सिंघई द्वारा लोक अदालत में विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टाल का निरीक्षण किया गया साथ ही लोक अदालत को सफल बनाने हेतु अपना योगदान देने हेतु प्रेरित किया।

       नेशनल लोक अदालत में श्री शिवलाल केवट मुख्या न्यायिक मजिस्ट्रेट खण्डपीठ क्रमांक 04 के मार्गदर्शन में न्यायालय में चल रहे प्रकरण पराक्राम्य अधिनियम धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण क्रमांक 1670/15 में श्री मुकेश विश्वकर्मा विरूद्ध श्री मुकेश कुमार वर्मा, प्रकरण में वादी की ओर से अधिवकता राजेश काशिव एवं प्रतिवादी की ओर से अधिवक्ता श्री अखिलेश चौहान दोनों पक्षों को न्यायाधीश एवं अधिवक्तागण के समझाईश पर प्रकरण में लोक अदालत के माध्यम राजीनामा कर प्रकरण का निराकरण किया गया उक्त प्रकरण में समझौता राशि 1,00,000.00(एक लाख रूपये) समझौता हुआ। इसी प्रकार प्रकरण क्रमांक 517/16 धूलसिंह वि0 चंदरसिंग न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्टेट सीहोर में लगभग 2 साल से लंबित था दोनों के मध्य 1,25,000.00 के राषि में समझौता हुआ उक्त प्रकरण न्यायालय में चल रहा था। उक्त प्रकरण में खण्डपीठ न्यायाधीश एवं खण्डपीठ सदस्य अधिवक्तागण एवं प्रतिवादी के अधिवक्ता श्री अखिलेश चौहान एवं वादी की ओर से अधिवक्ता श्री कमर अहमद सिद्धिकी ने दोनों पक्षकारों को समझाईश दी गई जिससे उनके मध्य राजीनामा हो गया इसी प्रकार खण्डपीठ क्रमांक 05 में प्रकरण क्रमांक 36/17 न्यायालय श्रीमती सुनीता गोयल न्यायिक मजिस्टेट प्रथम श्रेणी सीहोर में पिछले लगभग तीन साल चल रहे घरेलू हिंसा के प्रकरण में श्रीमती काजल मालवीय एवं श्री हेंमत मालवीय निवासी टेकिया तहसील व जिला सीहोर का धारा 12, घरेलू हिंसा का प्रकरण चल रहा था।/

प्रकरण में वादी की ओर से अधिवक्ता श्री ओ.पी.चौरसिया एवं प्रतिवादी की ओर से अधिवक्ता श्री ए.एन.दांगी तथा मध्यस्थ अधिवक्ता श्री राजेन्द्र कुशवाहा थे। उक्त प्रकरण में न्यायाधीश एवं अधिवक्तागण की समझाईश का परिणाम यह हुआ की दोनों पति पत्नि ने आपसी मतभेद को भुलाकर अपना आगे का दाम्पत्य जीवन एक साथ खुशी-खुशी गुजारने का वादा करने न्यायालय से विदा हुए, दोनों पक्षों के परिवार के सदस्यों के आंखों में ललक देखी गई।

नेशनल लोक अदालत में जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित नेषनल लोक अदालत में 17 खण्डपीठों के माध्यम से नेषनल लोक अदालत में आपराधिक प्रकरण 305 रखे गये एवं 10 निराकरण किया गया, पराक्रम्य प्ररकरण 530 रखे गये एवं 75 प्रकरण का निराकरण किया गया मोटर दुर्घटना दावा के 116 प्रकरण रखे गये एवं 11 प्रकरण निराकरण किये गये।  विद्युत चोरी से संबंधित लंबित मामले 362 रखे गये एवं 37 प्ररकरण का निराकरण हुआ जिसमें वसूली राशि रूपये 272195.00 अतिरिक्त प्रकरणों के अतिरिक्त विद्युत चोरी से संबंधित प्रीलिटिगेशन प्रकरण 3469 रखे गये एवं 116 प्रकरण का निराकरण किया गया और राशि 1003807 वसूली हुई तथा नगरपालिका से संबंधित सम्पत्तिकर एवं जलकर के प्रीलिटिगेषन प्ररकरण.703 रख्रे गये एवं 224 प्ररकण का निराकरण किया गया और 1800321 राषि की वसूली हुई, बैंक से संबंधित प्रीलिटिगेषन के प्रकरण 4032 रखे गये एवं 60 प्रकरणों का निराकरण किया  गया और राशि 2266175 वसूली गई इस प्रकार कुल प्रीलिटिगेशन मामलों में कुल 5140503.00 राशि वसूली हुई। न्यायालय में कुल लंबित 1954 रखे गये जिसमें से 183 निराकृत हुए एवं कुल वसूली राशि 16245799.00 हुई। नेशनल लोक अदालत में भारी संख्या में लोगों  ने अपने प्ररकरणों का निराकरण करवाने हेतु उत्सुकता देखी गयी। अधिकांश पक्षकारों ने अपने प्रकरण समझौते द्वारा लोक अदालत के माध्यम से निराकृत करवा कर चेहरे में मुस्कान लेकर गये। (

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