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सीहोर : कृषि विभाग ने खरीफ फसलों के लिए किसानों को दी आवश्यक सलाह

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कृषि विभाग ने खरीफ फसलों के लिए किसानों को दी आवश्यक सलाह

    सीहोर 03 जुलाई,2019

       किसान कल्याण तथा कृषि विकास उप संचालक श्री अवनीश चतुर्वेदी द्वारा जिले के किसानों को सलाह दी गई है कि मानसून के साथ ही जिले में बोवनी का कार्य शुरु हो चुका है। आगामी पूर्वानुमान के अनुसार जिले में घने बादल छाये रहेंगे एवं तेज हवाओं के साथ बोछारयुक्त मध्यम बारिश होने तथा कहीं कहीं निचले स्थानों में हल्की-हल्की भारी बारिश होने का अनुमान है।

      उन्होंने बताया कि कृषक संभव होने पर बोवनी बीबीएफ (चौड़ी क्यारी पद्धति)या रिज-फरों (कूड़ मेड़ पद्धति) से ही करें जिससे सुखे/अतिवर्षा के दौरान उत्पादन के दौरान प्रभावित न हो। इन मशीनों की अनुपस्थिति में कृषकों को सलाह है कि बोवनी के पश्चात सुविधा अनुसार 6/9 कतारों के अंतराल पर देशी हल से नालियां निकालें। सोयाबीन के लिए अनुशंसित पोषक तत्वों (नत्रजन, पोटाश, सल्फर) की पूर्ति के लिए उर्वरकों का प्रयोग संतुलित मात्रा में बोवनी के समय करें। इसके लिए सीड-कम सीड ड्रील का प्रयोग किया जा सकता है जिसमें अनुपस्थिति में चयनित उर्वरकों का खेत में छिड़काव करने के पश्चात बोवनी करें। सोयाबीन की बोवनी हेतु 45 सेमी कतारों की दूरी पर तथा न्यूनतम 70 प्रतिशत अंकुरण के आधार पर उपयुक्त बीज दर (55 से 75 किग्रा/है.)बोवनी के समय बीज उपचार अवश्य करें इसके लिए अनुशंसित फफूंदनाशक है-पेनफ्लूफेन+ट्रायफलोक्सीस्ट्रोबीन (1मिली/किग्रा बीज) अथवा थायरम+कार्बोक्सीन अथवा थायम+कार्बेन्डाजिम अथवा फफूंदनाशक ट्रायकोडर्मा का उपयोग करें।

      मक्का की जल्दी पकने वाली किस्में जैसे जे.एम-8, जे.एम-12 आदि कतार से कतार विधि से बोनी करें। अरहर की उन्नत जातियां जैसे टी.जे.टी-501, जवाहर अरहर-4, आशा जे.के.एम-7 एवं 189 आदि बोएं। धान की उन्नतशील जातियां शीघ्र पकने वाली जैसे जेआर 345, 201 तथा मध्यम अवधि की आईआर 64, 54, माधुरी, क्रान्ति महामाया, पूसा, बासमती आदि का रोपा डालें।

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