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सीहोर : कृषि विभाग द्वारा किसानों को दी समसामयिक सलाह

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कृषि विभाग द्वारा किसानों को दी समसामयिक सलाह 

    सीहोर 17 जुलाई,2019

     किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उपसंचालक द्वारा जिले के कृषकों को सलाह दी गई है कि सोयाबीन की फसल में सूखे की स्थिति में भूमि की नमी को सरंक्षित करने के लिए वे शीघ्र अतिशीघ्र डोरा/कुलपा चलायें तथा पलवार का प्रयोग करें। साथ ही सलाह है कि अधिक समय तक वर्षा न होने पर सुविधा अनुसार सिंचाई की व्यवस्था करें एवं पोटेशियम नाईट्रेट(1 प्रतिशत)या ग्लिसरॉल/मेग्नेशियम कार्बोनेट(5 प्रतिशत) का छिड़काव करें।

     जहां पर सोयाबीन की फसल 15-20 दिन की हो एवं बोवनी के तुरंत बाद उपयोगी अनुशंसित खरपतवार नाशकों का प्रयोग नहीं किया हो, उन स्थानों में सोयाबीन की खड़ी फसल में अनुशंसित खरपतवारनाशक जैसे-इमोझेथापायर(1.0ली/हैक्टे.-चौड़ी एवं सकरी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए) का छिड़काव करें। जिन किसानों के खेतों में केवल चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार पाये जाते हो उन्हें सलाह है कि वे क्लोरीम्यूरान इथाइल (36 ग्राम/हैक्ट.) का छिड़काव करें। जिन किसानों के खेतों में केवल सकरी पत्ती वाले खरपतवार की संख्या अधिक हो वे क्वजालोफाप इथाइल(1.0 ली/हैक्टे.) या क्वजालोफाप-पी-टेफूरील  या फेनाक्सीफाप-पी-इथाइल(0.75 ली./हैक्टे.) में से किसी एक का 500 लीटर पानी के साथ फ्लड जेट या फेन नोझल का उपयोग कर समान रूप से खेत में छिड़काव करें।

     उन्होंने बताया कि जहां पर फसल 15-20 दिन की हो कृषकगण खरपतवारनाशक के छिड़काव के समय अनुशंसित कीटनाशक का मिश्रित छिड़काव कर सकते हैं जिससे खरपतवार नियंत्रण के साथ-साथ आने वाले 30-40 दिनों तक कीट नियंत्रण प्रभावी हो सके। इसके लिए इमाझेथापायर/क्वजालोफाप इथाइल+क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल/इन्डोक्साकार्ब 333 छ़िडकाव के समय प्रति हेक्टेयर पानी की अनुशंसित मात्रा का उपयोग अवश्यक करें।

     विगत वर्ष जिन स्थानों पर सोयोबीन की फसल पर व्हाइट ग्रब का प्रकोप हुआ था वहां के किसान विशेष ध्यान दें एवं व्हाइट ग्रब के व्यस्कों को एकत्र कर नष्ट करने के लिए प्रकाश जाल अथवा फिरोमोन ट्रैप का प्रयोग करें। मक्का की फसल पर फाल आर्मी वर्ग नामक नये कीट के हमला होने की आशंका जताई जा रही है इस कीट का प्रकोप मप्र के कई हिस्सों में देखा गया है। कीट का प्रकोप होने पर क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत SC का 60 एमएल/एकड़ की दर से मक्के की मध्य कुंडली अवस्था से पश्च कुंडली अवस्था पर छिड़काव कर सकते हैं। थायोमिथाक्सेम का 12.6% + लेम्वड़ा सायहेलोथ्रिन 9.5 % ZC का 60-80 एमएस/एकड़ की दर से मक्के की मध्य कुंडली अवस्था से पश्च कुंडली अवस्था पर छिड़काव कर सकते हैं।  

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