- Advertisement -
प्रदेशसीहोर

सीहोर : मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रवासी श्रमिकों के सुरक्षित आवागमन के लिए सात प्रदेशो के मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र

अमित मंकोडी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रवासी श्रमिकों के सुरक्षित आवागमन

के लिए सात मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र

सीहोर 18 मई,2020

         मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश से होकर गुजरने वाले श्रमिकों की समय पर जानकारी देने के लिए सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में कहा है कि श्रमिकों के आवागमन में व्यवहारिक कठिनाई यह हो रही है कि मध्यप्रदेश को ये पता नहीं चलता है कि अन्य राज्यों से कितने श्रमिक किस माध्यम से किस समय मध्यप्रदेश की सीमा पर आने वाले हैं।

      मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पत्र में कहा कि इन श्रमिकों के लिए भोजन, वाहन और दवाओं आदि की निशुल्क व्यवस्था मध्यप्रदेश शासन द्वारा की जाती है। श्रमिकों के आवागमन की पूर्व सूचना न होने से कई बार अधिक संख्या में श्रमिक आ जाने के कारण व्यवस्था गड़बड़ा जाती है और श्रमिक कई बार विचलित होकर कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करते हैं तथा श्रमिको को भी इससे कठिनाईयां होती है।

      मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सातों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अनुरोध किया है कि उनके राज्यों से प्रवास करने वाले श्रमिकों की संख्या, वाहनों की संख्या तथा मध्यप्रदेश की सीमा पर पहुंचने का समय मध्यप्रदेश सरकार को पहले से सूचित करने की व्यवस्था अपने-अपने राज्यों में सुनिश्चित करांये ताकि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर मध्यप्रदेश सरकार कर सके।

मुख्यमंत्रियों को भेजे पत्र में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि कोरोना से निपटने के लिए घोषित देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक निकलकर अपने-अपने राज्यों में जा रहें है। मध्यप्रदेश की भौगौलिक स्थिति देश के केन्द्र में होने के कारण विभिन्न राज्यों से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड तथा अन्य कई प्रदेशों में जाने वाले श्रमिक मध्यप्रदेश से गुजर रहें है। मध्यप्रदेश सरकार अपनी सीमा पर आने वाले इन प्रवासी श्रमिकों को वाहन, भोजन, दवाएं आदि नि:शुल्क उपलब्ध करा रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने मध्यप्रदेश से होकर दूसरे राज्यों को जाने वाले श्रमिकों को सीमा तक सुरक्षित छोड़ा जा रहा है। इस व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में सीमावर्ती जिलों में बसों की व्यवस्था की गई है व मार्गों में ट्राजिंट कैम्प बनायये गये है। केवल अन्य राज्यों के श्रमिकों को मध्यप्रदेश की सीमा से दूसरें राज्य की सीमा तक पहुंचाने के लिए एक हजार बसें लगाई गई है। मध्यप्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रदेश की धरती पर कोई श्रमिक पैदल न चले। श्रमिकों के खाने का भी इंतजाम किया गया है। अन्य राज्यों में फंसे मध्यप्रदेश के लगभग 3.84 लाख श्रमिकों को बसों और ट्रेनों से प्रदेश लाया गया है। लगभग एक लाख 6 हजार मजदूरों को 85 ट्रेनों से प्रदेश लाया गया है। प्रदेश के अंदर विभिन्न जिलों से भी श्रमिकों को उनके गृह जिलों में पहुंचाया गया है। सड़क मार्ग से लगभग 2 लाख 80 हजार श्रमिकों को सुरक्षित मध्यपदेश लाया गया है। प्रदेश के भीतर श्रमिकों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 11 हजार 300 सौ बसें लगाई गई है। श्रमिकों को मध्यप्रदेश लाने का सिलसिला सतत जारी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Close