Take a fresh look at your lifestyle.

सीहोर : मां के उपकारों का ऋण जिंदगी भर नहीं चुका सकते- सज्जन वर्मा रतन बाई गंगवाल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की

0 6

मां के उपकारों का ऋण जिंदगी भर नहीं चुका सकते- सज्जन वर्मा

रतन बाई गंगवाल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की

आष्टा। मां वात्सल्य की मूर्ति होती है ,अपने बेटा-बेटी को अनेकों कष्ट सहने के पश्चात भी जरा सी तकलीफ नहीं होने देती है। मां के उपकारों का ऋण हम कभी जिंदगी में नहीं चुका सकते हैं। क्योंकि मां ममता का रूप होती है। कूट-कूट कर ममता उनके अंदर भरी रहती है। स्वयं कष्ट उठा लेगी ,लेकिन कभी भी एहसास नहीं होने देती है।

                        उक्त बातें प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पत्रकार नरेंद्र ,राजेंद्र गंगवाल की माता रतन बाई गंगवाल के निधन पर उनके निवास पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहीं। श्री वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि इतनी अधिक उम्र होने के पश्चात भी दिवंगत रतन बाई गंगवाल ने धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा और पर्यूषण महापर्व के दौरान अपनी पुत्रवधू श्रद्धा गंगवाल से प्रतिक्रमण सुनते हुए उनकी मृत्यु निश्चित देव गति को प्राप्त होगी। श्री वर्मा ने अपने परिवार एवं उपस्थित अपने कांग्रेसी साथियों की ओर से भी संवेदना व्यक्त की। इसी प्रकार जिले के सहकारिता के आधार स्तंभ पूर्व विधायक रमेश सक्सेना अपने साथियों के साथ श्री गंगवाल के निवास पर पहुंचे और उनकी माता श्री के निधन पर शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!