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सीहोर : भोपाल लोकायुक्त की बड़ी कार्यवाही,4 IFS वन मंडल अधिकारियों सहित सात अफसरों के खिलाफ लोकायुक्त ने दर्ज की FIR

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4 IFS सहित सात अफसरों के खिलाफ लोकायुक्त ने 420, 467, 471, 120 बी, 7, 13(1)ए, 13(2) में FIR दर्ज की

अवैध उत्खनन करने वालो को सजा देने की बजाए, अफसरों ने जप्त जेसीबी और फ़ाईल ही ग़ायब कर दी

सिहोर वन मंडलाधिकारी यू.के.सुबुद्धि, अशोक कुमार सिंह, मनोज अग्रवाल और विजय कुमार नीमा सहित 7 वन विभाग के अफसरों का कारनामा, सभी को बनाया आरोपी

भोपाल लोकायुक्त की कार्यवाहीस सरकार, नेता और साधु संत भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए ख़ूब प्रयास कर रहे है । इनके प्रयासों पर अफसर कैसे पानी फेरते है यह प्रकरण उसका पुख़्ता उदाहरण है । अवैध उत्खनन को अधिकारी कैसे संरक्षण देते है इस प्रमाणित खबर में पढ़े । जिन अफसरों की ज़िम्मेदारी अवैध उत्खनन रोकने और करने वालों को दंडित करने की है वो अफसर ही जप्त जेसीबी और प्रकरण की फाईल ही ग़ायब कर दे तो अवैध उत्खनन रोकने की उम्मीद किससे की जा सकती है ? मोटी रिश्वत लेकर एक नही वन विभाग के चार आईएफएस सहित सात अफसरों ने इस आपराधिक कारनामे को अंजाम दिया है। भोपाल लोकायुक्त पुलिस के डीएसपी नवीन अवस्थी ने एसपी इमरीन शाह के निर्देश पर चार आईएफएस, एक उप वनमंडलाधिकारी, एक वन क्षेत्रपाल, एक वन परिक्षेत्र अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्यवाही और जाँच शुरू क

ये है मामला

सिहोर जिले के वन परिक्षेत्र में रामबक्श यादव अवैध उत्खनन कर रहा था। वन विभाग के अफसरों ने यादव की जेसीबी जप्त कर प्रकरण क्रमांक 1505/02 दिनांक 22/09/2008 दर्ज किया । यादव के खिलाफ अवैध उत्खनन का आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही करने की बजाए अफसरों ने में पदस्थ वन विभाग के पाँच लाख की रिश्वत ली और जप्त जेसीबी और प्रकरण की पूरी फाईल ही गायब कर दी ।

न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत नही करने की साज़िश रची –

वन विभाग के अफसरों यू.के.सुबुद्धि, अशोक कुमार सिंह, मनोज अग्रवाल, विजय कुमार नीमा, व्ही.व्ही.सिंह, सुनील कुमार जैन और बी.एस.शाक्य ने आरोपी यादव से मोटी भ्रष्ट साँठ गाँठ कर वन विभाग द्वारा आरोपी के विरुद्ध दर्ज प्रकरण क्रमांक 1505/02 में जप्त जेसीबी राजसात करने की बजाए ग़ायब कर दी (वापस आरोपी को दे दी) और प्रकरण की फाईल भी ग़ायब कर, प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत नही करने का षड्यंत्र भी अफसरों ने रचा ।

अफसरों ने कूटरचित दस्तावेज भी बनाए –

लोकायुक्त डीएसपी नवीन अवस्थी ने बताया की आरोपी रामबक्श पिता मेमन सिंह यादव को बचाने के लिए वन विभाग के अफसरों ने कूटरचित दस्तावेज भी बनाए ।

आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण की इन धाराओं में सभी को आरोपी बनाया –

लोकायुक्त पुलिस भोपाल ने वन विभाग के सभी अफसरों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 242/19 दर्ज कर 420, 467, 471, 120 बी, भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7, 13(1)ए, 13(2) में आरोपी बनाया है ।

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