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सीहोर : न्यायालय परिसर में विधिक साक्षरता एवं निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर सम्पन्न। 316 लोगो ने कराया अपने स्वास्थ्य परीक्षण

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न्यायालय परिसर आष्टा में विधिक साक्षरता एवं निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर सम्पन्न।
316 लोगो ने कराया अपने स्वास्थ्य परीक्षण

आष्टा (नि.प्र.) मानसिक रूप से विक्षिप्त एवं कमजोर व्यक्तियों के प्रति बिना किसी भेदभाव के उनके मानसिक विकास, संरक्षण व स्वास्थ्य के लिए विधिक प्रावधान हैं। मानसिक स्वास्थ्य देखभाल संशोधित अधिनियम, 2017 में मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को विधिक संरक्षण प्रदान करता है। समाज में आज आवश्यकता इस बात की है कि प्रत्येक व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति के प्रति सहानुभूति रखते हुए उन्हें विधिक अधिकार दिलाने की दिशा में काम करें। मानसिक रोगी को मानसिक चिकित्सालय में रखकर इलाज कराने की आवश्यकता होने पर उसे कोई भी व्यक्ति अथवा परिवार का सदस्य सीधे मानसिक चिकित्सालय में भर्ती नहीं करा सकता है, इसके लिए न्यायालय के आदेश की आवश्यकता होती है। मानसिक चिकित्सालय के चिकित्सक को प्रतिमाह ऐसे रोगी के मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में प्रतिमाह न्यायालय को जानकारी देना भी अनिवार्य है। आवश्यकता इस बात की है कि मानसिक रोगियों को विधिक अधिकार प्रदान करने के लिए जन जागरूकता समाज में फैलाई जाए। शिविर में यह भी बताया गया कि विषम होते लिंगानुपात को दृष्टिगत रखते हुए भू्रण के प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण पर भी कानूनी प्रावधान द्वारा रोक लगाने हेतु कानून (गर्भधारण पूर्व और प्रसूति पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994) बनाया गया हैं, जिसके अनुसार गर्भ में पल रहे भू्रण की लिंग जांच करना या करवाना भी अपराध है। यदि कोई अल्ट्रासाउण्ड या सोनोग्राफी जैसी तकनीक से भ्रूण की जांच करता है या करवाता है, तो ऐसे व्यक्ति/चिकित्सक/जांच संस्था को 03 वर्ष तक के कारावास से दण्डित किया जा सकता है तथा ऐसे चिकित्सक व जांच एजेंसी का पंजीयन निरस्त कर दिए जाने के भी नियम हैं। उक्त आशय के उद्गार अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति एवं प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, सरिता वाधवानी ने सिविल न्यायालय आष्टा में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर एवं निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में व्यक्त किए। विधिक साक्षरता शिविर में डी.सी.बी. बैंक ने विनायक नेत्रालय, अल्फा पैथोलॉजी आष्टा के सहयोग से निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया। उक्त शिविर में अधिवक्तागण, न्यायालयीन, पुलिस, नगर पालिका, तहसील, डाक विभाग, टेलीफोन विभाग, आंगनबाड़ी के कर्मचारीगण एवं शिविर में आए हुए नागरिकों, पक्षकारों का निशुल्क नेत्र परीक्षण टेक्नीशियन अतुल उपाध्याय, चिराग जैन द्वारा एवं ब्लड प्रेशर, शुगर, ब्लड गु्रप की जांच अल्फा पेथॉलोजी के टेक्नीशियन राहत अली 

द्वारा की गई। प्रारंभ में शिविर का विधिवत् शुभारंभ न्यायाधीश सुश्री सरिता वाधवानी ने मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया एवं स्वयं का स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र एवं रक्त परीक्षण कराया।
इस अवसर पर अधिवक्ता संघ आष्टा के अध्यक्ष ताज मोहम्मद ताज, सचिव कुलदीप सिंह ठाकुर, डीसीबी बैंक के प्रबंधक पियूष श्रीवास्तव, प्रथम पाटीदार, एजीपी विजेन्द्र सिंह ठाकुर, देवेन्द्र सिंह ठाकुर, एडीपीओ महेन्द्र सितोले, रानी जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नीरज श्रीवास्तव, अधिवक्ता सुरेन्द्र परमार, धीरज धांरवा, विक्रम वर्मा, भूपेश जामलिया, अब्दुल बहाव, न्यायालयीन कर्मचारी नायब नाजिर कमल विश्वकर्मा, विनोद यादव, बी.एस.मेवाड़ा, आर.पी.सिंह, यू.एन.तिवारी, संजय शर्मा सहित अधिवक्ता संघ के अन्य पदाधिकारीगण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित थे। स्वास्थ्य शिविर में 320 लोगों ने अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराया गया।

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