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सीहोर के शरबती गेंहू ने देश में बनाई अलग पहचान 

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सीहोर के शरबती गेंहू ने देश में बनाई अलग पहचान (सफलता की कहानी)

सीहोर 27 अगस्,2020

      स्वादिष्ट और सोने जैसी सुनहरी शरबती गेहूं को लेकर पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में इस साल गेहूं की बंपर पैदावार हुई। अपनी मेहनत के सार्थक होने से किसान खुश हैं। “शरबती” गेहू देश में उपलब्ध गेहूं की सबसे प्रीमियम किस्म है। शरबती गेहू की सीहोर क्षेत्र में बहुतायत में पैदावार की जाती है। सीहोर क्षेत्र में एक काली और जलोढ़ उपजाऊ मिट्टी है जो शरबती गेहू के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। शरबती गेहू को द गोल्डन ग्रेन भी कहा जाता है, क्योकि इसका रंग सुनहरा होता है यह हथेली पर भारी लगता है और इसका स्वाद मीठा होता है इसलिए इसका नाम शरबती है। जैसा कि नाम से पता चलता है, शरबती किस्म का गेहूँ टेस्ट में थोड़ा मीठा होता है, शायद अन्य गेहूँ की किस्मों की तुलना में इसमें ग्लूकोज और सुक्रोज़ जैसे सरल शर्करा की मात्रा अधिक होती है। शरबती गेहूं की खेती मध्य प्रदेश में ही होती है, इसका 50% उत्पादन सीहोर में होता है।

सबसे महंगा बिकता है शरबती

     शरबती गेहूं की खासियत यह है कि इसकी चमक के साथ ही इसके दाने एक जैसे होते हैं। गेहूं की सभी किस्मों में यह सबसे महंगा बिकता है। लोकमन, मालवा शक्ति और अन्य किस्म के गेहूं जहां 2000 से 2500 रुपए प्रति क्विंटल बिकते हैं, वहीं शरबती का न्यूनतम भाव ही 2800 रुपए होता है। यह आमतौर पर 3500 से 4500 रुपए तक बिकता है। 2018 में सीहोर जिले की आष्टा कृषि उपज मंडी में शरबती गेहूं 4701 रुपए क्विंटल बिका था।

क्यों खास है शरबती गेहूं

     देश में गेहूं की सबसे प्रीमियम किस्म शरबती ही है। इसे ‘द गोल्डन ग्रेन’ भी कहा जाता है, क्योकि इसका रंग सुनहरा होता है, हथेली पर भारी लगता है और इसका स्वाद मीठा होता है। इसलिए इसका नाम शरबती है। गेहूं की अन्य किस्मों की तुलना में इसमें ग्लूकोज और सुक्रोज जैसे सरल शर्करा की मात्रा अधिक होती है। सीहोर में इसकी सबसे ज्यादा पैदावार होती है। सीहोर क्षेत्र में काली और जलोढ़ उपजाऊ मिट्टी है, जो शरबती गेहूं के लिए सबसे बेहतर होती है। प्रदेश में शरबती गेहूं सीहोर के साथ ही नरसिंहपुर, होशंगाबाद, हरदा, अशोकनगर, भोपाल और मालवा क्षेत्र के जिलों में बोया जाता है। प्रदेश सरकार शरबती गेहूं को ब्रांडनेम यानी भौगोलिक संकेतक (जीआई) दिलाने का प्रयास कर रही है। ब्रांडनेम मिलते ही प्रदेश के शरबती गेहूं के नाम से कोई कंपनी या संस्था अपना नाम नहीं दे पाएगी।

सीहोर का शरबती गेहूं सात राज्यों में जाता है

     तमिलनाडु, गुजरात, चेन्नई, मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश से कई कंपनियां सीजन के समय सीहोर में आकर खुद शरबती गेहूं की खरीदी करती हैं, इस साल लॉकडाउन के कारण यह व्यापारियों के जरिए शरबती की खरीदी कर रही हैं। आईटीसी ने सोया चौपाल सेंटर पर शरबती गेहूं खरीदने के लिए काउंटर बनाया है। कई किसान मंडी से अधिक कीमत पर यहां अपना गेहूं बेच रहे हैं।

शरबती की बेस्ट किस्म है सी- 306

      शरबती गेहूं में सी-306 किस्म बेस्ट मानी जाती है। इसकी क्रॉस वैरायटी भी बाजार में उपलब्ध है। इसका एक-एक दाना एक समान और सोने जैसा चमकता है। इस बार कठिया गेहूं की एकदम नई वैरायटी ‘दूरम’ को लेकर भी यहां किसान काफी उत्साहित हैं। इस गेहूं का उत्पादन 60 से 65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर दर्ज किया गया है।

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