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सीहोर : कृषि सुधार विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच : सुदेश राय

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कृषि सुधार विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच : सुदेश राय
सीहोर/ भारतीय जनता पार्टी जिला सीहोर के जिलाध्यक्ष रवि मालवीय एवं सीहोर विधायक सुदेश राय ने आज पत्रकारों को  विज्ञप्ति के माध्यम से कृषि सुधार संबंधी विधेयक के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया विधायक सुदेश राय ने इस बताया कि विधेयक  किसानों लिए रक्षा कवच का काम करेंगे और नए प्रावधान लागू होने के कारण वे अपनी फसल को देश के किसी भी बाजार में अपनी मनचाही कीमत पर बेच सकेंगे। श्री राय ने इस किसान हितेषी विधयेक पर किसानों को गुमराह करने वालो पर आरोप लगाया कि वह इन विधेयकों का विरोध कर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं और बिचौलियों के साथ किसानों की कमाई को बीच में लूटने वालों का साथ दे रहे हैं। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इस भ्रम में न पड़ें इससे फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी पर कोई असर नही पड़ेगा
वंही भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मालवीय ने बताया कि यह विधेयक किसानों के लिए फायदेमंद क्यो है
 1- इस बिल में एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने का प्रावधान है जहां किसानों और व्यापारियों को मंडी से बाहर फ़सल बेचने की आज़ादी होगी.अध्यादेश अनुमति देता है कि उपज का राज्यों के बीच और राज्य के भीतर व्यापार एपीएमसी एक्ट्स के अंतर्गत गठित मार्केट के बाहर भी किया जा सकता है.
2- इस कानून को सरकार ने कांट्रैक्ट फार्मिंग के मसले पर लागू किया है. इससे खेती का जोखिम कम होगा और किसानों की आय में सुधार होगा. समानता के आधार पर किसान प्रोसेसर्स, थोक विक्रेताओं, बड़े खुदरा कारोबारियों, निर्यातकों आदि के साथ जुड़ने में सक्षम होगा.
3-अध्यादेश के अनुसार व्यापार क्षेत्र में किसान उपज की इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग की अनुमति देता है. इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग और ट्रांज़ैक्शन प्लेटफॉर्म को तैयार किया जा सकता है ताकि किसान उपज को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और इंटरनेट के जरिए खरीदा और बेचा जा सके तथा उसकी फिजिकल डिलिवरी की जा सके.
4-अध्यादेश के अंतर्गत कोई भी व्यापार करने पर राज्य सरकार किसानों, व्यापारियों और इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स से कोई बाजार फीस, सेस या प्रभार नहीं वसूलेगी.
5- इस कानून के लागू हो जाने से किसानों के लिए एक सुगम और मुक्त माहौल तैयार हो सकेगा, जिसमें उन्हें अपनी सुविधा के हिसाब से कृषि उत्पाद खरीदने और बेचने की आजादी होगी और ‘एक देश, एक कृषि मार्केट’ बनेगा

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