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सीहोर/आष्टा : सामाजिक कुरीति “धर्मांतरण” पर कानून बनाने की मांग को लेकर नगर की मातृ शक्तियों ने अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन दिया।

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सामाजिक महिलाओ के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति जी के नाम श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन दिया।* बढ़ रहे लव जिहाद ओर धर्मांतरण पर कानून बनाने की मांग को लेकर नगर की मातृ शक्तियों ने अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन दिया जिसके मुख्य बिंदु इस प्रकार है:-
देश की राजधानी दिल्ली के पास फरीदाबाद में 27 अक्टूबर को बहन निकिता तोमर की दिनदहाड़े हत्या तौसीफ खान और उसके दोस्त रेहान खान ने सर पर गोली मारकर केवल   इसलिए कर दी क्योंकि वह जबरन धर्म परिवर्तित कर उसके साथ निकाह करने को तैयार नहीं हुई। निकिता ने धर्म परिवर्तन और विधर्मी से संबंध स्वीकार नहीं किया। उसने मृत्यु का वरण स्वीकार कर लिया। महोदय लव जिहाद किस चरम तक अपने वीभत्स रूप में सामने आ सकता है यह उसका जीवंत उदाहरण हमारे समक्ष है।
समय है भारत की सरकार अब ऐसे तत्वों, ऐसी हरकतों और लव जिहाद के माध्यम से हो रहे बड़े पैमाने पर धर्मान्तरण पर रोक लगाएं। इसके लिए कोई सख्त कानून बनाएं। साथ ही फरीदाबाद में हुई हिन्दू बेटी की योजनाबध्द हत्या की उच्चस्तरीय जांच कर इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। ताकि फिर कोई ऐसी हरकत न कर सके। आप से निवेदन है कि इस मामले में शामिल सभी दरिंदों को फांसी की सजा दिलाएं। हमारी बेटियों के साथ हो रहा यह अमानवीय व्यवहार अक्षम्य है।
आष्टा। देश में बढ़ रहे लव जिहाद ओर धर्मांतरण पर कानून बनाने की मांग को लेकर सोमवार 2 नवंबर को नगर की मातृ शक्तियों के कई संगठनों की प्रमुख महिलाओं ने तहसील कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम सम्बोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अंकिता वाजपेयी को सौंपा। महिला संगठनों की प्रमुख मातृ शक्तियों ने ज्ञापन के माध्यम से कई मुख्य बिंदुओं पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि देश की राजधानी दिल्ली के पास फरीदाबाद में 27 अक्टूबर को बहन निकिता तोमर की दिनदहाड़े हत्या तौसीफ खान और उसके दोस्त रेहान खान ने सर पर गोली मारकर केवल इसलिए कर दी थी, क्योंकि वह जबरन धर्म परिवर्तित कर उसके साथ निकाह करने को तैयार नहीं हुई। निकिता ने धर्म परिवर्तन और विधर्मी से संबंध स्वीकार नहीं कर मृत्यु का वरण स्वीकार किया। आज देश मे लव जिहाद किस चरम तक अपने वीभत्स रूप में सामने आ गया है, यह उसका जीवंत उदाहरण हमारे समक्ष फरीदाबाद की घटना के रूप में है। अब समय आ गया है, भारत सरकार ऐसे जिहादी तत्वों, ऐसी हरकतों और लव जिहाद के माध्यम से हो रहे बड़े पैमाने पर धर्मान्तरण पर रोक लगाएं। मात्र शक्तियों ने राष्ट्रपति महोदय से मांग की कि इसके लिए कोई सख्त कानून बनाएं। साथ ही फरीदाबाद में हुई हिन्दू बेटी की योजनाबध्द हत्या की उच्चस्तरीय जांच करा कर इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि फिर कोई इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न कर सके। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई की इस घटना में शामिल दरिंदों को फांसी की सजा दी जाए। बेटियों के साथ हो रहा यह अमानवीय व्यवहार अक्षम्य है। ज्ञापन सौंपते समय विभिन्न महिला संगठनों की और से डॉक्टर चंदा जैन, रिचा गुलवानी, ज्योति चंदनानी, मंजुला सिंधवी, यशस्वी बनवट, नवदीप कौर, रूपाली चौरसिया, सोनिका सोनी आदि उपस्थित थी। ज्ञापन का वचन डॉक्टर यशस्वी बनवट ने किया

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