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सीहोर/आष्टा : पति पत्नि के बीच चल रहे विवाद का फायदा उठाकर आरोपी ने विवाहिता के साथ किया दुष्कर्म विशेष न्याायालय ने एससी एसटी एक्टे में आरोपी की जमानत की निरस्त

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*पति पत्नि के बीच चल रहे विवाद का फायदा उठाकर आरोपी ने विवाहिता के साथ किया दुष्कर्म विशेष न्याायालय ने एससी एसटी एक्टे में आरोपी की जमानत की निरस्त
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पीडि़ता उम्र 32 साल निवासी आष्टाक ने इस आशय से रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि वर्ष 2017 में मेरा नाता इंदौर मुकेश चौहान से हुआ था तीन माह के बाद मुकेश ने मेरी बेटी एकता जो मुझे मेरे पहले पति जगदीश से है को साथ में रखने से मना कर दिया जिस पर से मैने मुकेश के खिलाफ आष्टा कोर्ट में घरेलू हिंसा व भरण पोषण का केस लगा दिया जो अभी चल रहा है दिसंबर 2017 से मुकेश से अलग अपने माता पिता के साथ आष्टा में रह रही थी। दिसंबर 2018 में मेरी मुलाकात आष्टा के प्रशान्त ऊर्फ राकेश पिता रामसिंह श्रीवास्तव व जाति माली से हुई थी उसने मुझे मुकेश के खिलाफ केस में मदद करने की बात कही तथा यह भी बताया कि मेरी पहली पत्नि की एक्सीकडेंट में मौत हो गयी है तो तुसे शादी कर लूंगा। उसने मुझे बोला कि तुम्हारी बेटी को भी अपनाउंगा और तुम्हे अपनी पत्नि बनाकर रखूंगा व तुमसे शादी करूंगा इस प्रकार प्रशान्त श्रीवास्तव (माली) मुझे शादी का झांसा देकर व बेटी को अपनाने की बात कहकर दिनांक 10.01.2019 को अपनी कार में बैठाकर कन्नौ द नगर पालिका के पास अपने घर ले गया और वहां मुझे रखा और रात को मेरे पास आकर मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास करने लगा मैंने उससे कहा कि यह सब शादी के बाद करेंगे तो उसने कहा कि चिन्ता मत कर मैं तुझसे शादी भी करूंगा व तेरी बेटी को भी रखूंगा ऐसा कहकर उसने मेरे साथ जोर जबरस्तीत से शारीरिक संबंध बनाये और तब से लगातार मेरा शारीरिक शोषण करता रहा। उसने मुझसे शादी करने का लालच देकर मेरे साथ जनवरी 2019 से लगातार जनवरी 2020 तक शारीरिक शोषण करता रहा जब मुझे इन सब बात की जानकारी लगी तो मैने प्रशान्त से शादी करने की बात कही तो उसने मुझे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि तू बलाई समाज कि है तो तुझसे शादी नहीं करूंगा व बेटी को रखने की बात से मुकर गया साथ ही कहा कि अगर किसी को अपने संबंध के बारे में बताया तो तुझे व तेरी बेटी को जान से मार दूंगा। प्रशान्त व मेरे बारे में मेरी मम्मी व भाई को भी पता था।
पुलिस द्वारा आरोपी के विरूद्ध धारा 376,376(2) (एन) भादवि व धारा 3(2) (वी) 3(1) डब्यू द् (1) एस सी एस टी एक्ट( के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया।
ननीय विशेष न्याोयधीश श्री विजय चंद्रा, जिला सीहोर के न्यायालय श्री नारायणसिंह मेवाड़ा, विशेष लोक अभियोजक जमानत आवेदन का विरोध किया गया कि अपराध महिलाओं से संबधित होकर जघन्यच प्रकृति का होने से अपराध की गंभीरता के आधार पर जमानत आवेदन निरस्तं किये जाने की प्रार्थना की गई । जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा प्रकरण की परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए व अव्य्स्क उत्त रजीवी के साथ कारित कृत्यक को देखते हुए आरोपी को जमानत का लाभ न देकर आरोपी प्रशान्त‍ श्रीवास्तीव (माली) जिला सीहोर द्वारा प्रस्तुोत जमानत आवेदन निरस्त किया गया
शासन की ओर से पैरवी श्री नारायणसिंह मेवाड़ा, विशेष लोक अभियोजक द्वारा की गई।

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