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सीहोर/आष्टा:वी आई टी भोपाल विश्वविद्यालय में 19 वें हाइब्रिड इंटेलीजेंट सिस्टम अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस और 15 वें इन्फॉर्मेशन अश्योरेंस एंड सिक्योरिटी अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन

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उच्च तकनीकि योग्यताओं से लैस प्रोफेशनल ही समाज को सही दिशा में ले जा सकते हैं। —
वी आई टी भोपाल विश्वविद्यालय में 19 वें हाइब्रिड इंटेलीजेंट सिस्टम अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस और 15 वें इन्फॉर्मेशन अश्योरेंस एंड सिक्योरिटी अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन

वी आई टी भोपाल विश्वविद्यालय में हाइब्रिड इंटेलीजेंट सिस्टम पर 19 वें अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस “एच आई एस -2019” व इन्फॉर्मेशन अश्योरेंस एंड सिक्योरिटी पर 15 वें अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस “आई ए एस – 2019” तीन दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। कांफ्रेंस के पहले दिन उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुख्य अतिथि और प्रमुख वक्ता डॉ स्टीफेन हॉन्ग, डिपार्टमेंट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस, यूनिवर्सिटी ऑफ़ ह्यूस्टन, यू एस ए ने की। कार्यक्रम का प्रारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के बाद स्कूल ऑफ़ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के डीन डॉ मानस कुमार मिश्रा के स्वागत अभिभाषण से हुआ। डॉ मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ स्टीफेन हॉन्ग, वी आई टी भोपाल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पी गुनासेकरन, विशिष्ट अतिथियों आर्तुरस काक्लॉस्कस, विल्नियस गेडिमिनस टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लिथुएनिया, डॉ अजीत एब्राहम, एम आई आर लैब, सिएटल, यू एस ए एवं मिलान टुबा, सिंगुडुनम यूनिवर्सिटी, बेलग्रेड का स्वागत करते हुए कार्यक्रमों की रुपरेखा प्रस्तुत की। डॉ मानस मिश्रा ने वी आई टी भोपाल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग द्वारा किये जा रहे प्रयासों एवं पाठ्यक्रमों से अवगत कराते हुए विद्यार्थियों द्वारा किये जा रहे शोध कार्यों पर भी प्रकाश डाला। वी आई टी भोपाल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पी गुनासेकरन ने वी आई टी भोपाल द्वारा तकनीकी उच्च शिक्षा में किये जा रहे नवाचारों के बारे में अतिथियों को अवगत कराते हुए संस्थान के रूप में वी आई टी की यात्रा के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि वी आई टी को भारत सरकार एवं कई अन्य संस्थाओं द्वारा उत्कृष्ट प्रयासों के लिए प्रशस्ति मिलती रही है। कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ अजीत एब्राहम ने हाइब्रिड इंटेलिजेंस सिस्टम की संकल्पना से लेकर आज तक के किये गए शोध एवं उसकी अपरिहार्यता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सभी उपक्रमों में सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी की महत्ता बताते हुए कहा कि तकनीकि का कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं है, माइनिंग, स्वास्थ्य, तकनीकि, सुरक्षा सभी क्षेत्रों में उच्च तकनीकि योग्यताओं से लैस प्रोफेशनल ही समाज को सही दिशा में ले जा सकते हैं। मुख्य अतिथि और प्रमुख वक्ता डॉ स्टीफेन हॉन्ग जो कि गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर, नासा में इंट्रूजन तकनीकि विशेषज्ञ के रूप में भी काम कर चुके हैं, ने विद्यार्थियों को इंट्रूजन डिटेक्शन की प्रक्रियाओं एवं डाटा स्ट्रक्चर्स के बारे में बताया। डॉ हॉन्ग ने मालवेयर अटैक और इन्फॉर्मेशन की सुरक्षा पर बल देते हुए तकनीकि जानकारियाँ भी साझा कीं। आर्तुरस काक्लॉस्कस, विल्नियस गेडिमिनस टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लिथुएनिया ने इफेक्टिव कंप्यूटिंग पर बोलते हुए सामाजिक ताने बाने के अध्ययन के बारे में अपने शोध पर विचार व्यक्त किये। उन्होंने बताया कि कैसे हैप्पीनेस इंडेक्स, जो कि व्यक्ति के हाव भाव से ब्युत्पन्न किया गया है, से व्यक्ति के कार्यकौशल पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया जा सकता है। लिथुएनिया विश्व के सुखी देशों में 2019 हैप्पीनेस इंडेक्स के अनुसार 42 वें नंबर पर है। उद्घाटन का समापन साइबर सिक्योरिटी के डिवीज़न हेड डॉ शिशिर शांडिल्य के धन्यवाद प्रस्ताव से हुआ। इन तीन दिनों में विश्व के 24 देशों के कुल 122 शोधपत्र प्रस्तुत होने हैं। कार्यक्रम में डॉ सौंदरराजन, डॉ पुष्पिंदर सिंह पथेजा, डॉ अजीत कुमार एवं डॉ शरद चंद्र त्रिपाठी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सञ्चालन असिस्टेंट प्रोफेसर श्रेयसी ने किया।

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