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(खुशियों की दास्तां)अस्थि बाधिता से परेशान चंपालाल को मिली ट्रायसायकल

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चाय की दुकान चालाने वाला चंपालाल अब नहीं है

दूसरों पर निर्भर (खुशियों की दास्तां)

अस्थि बाधिता से परेशान चंपालाल को मिली ट्रायसायकल

 सीहोर 20 नवंबर,2019

     सीहोर ग्वालटोली निवासी दिव्यांग हितग्राही चंपालाल पिता दुर्गाप्रसाद को अस्थि बाधिता से चलने में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। चंपालाल द्वारा जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन देकर जिला विकलांक एवं पुर्नवास केन्द्र द्वारा ट्रायसायकल की मांग की गई थी। कलेक्टर श्री अजय गुप्ता के आदेशानुसार जिला विकलांग एवं पुर्नवास केन्द्र द्वारा चंपालाल की जांच करवाई गई। चिकित्सीय जांच से स्पष्ट हुआ कि चंपालाल  अस्थि बाधिता से ग्रसित है। जिला विकलांग एवं पुनर्वास केन्द्र एवं जिला विकलांग एवं पुनर्वास केन्द्र के विषय विशेषज्ञों के द्वारा चंपालाल को ट्रायसायकल प्रदान किया गया।

     चंपालाल बताते हैं कि अस्थि बाधिता से ग्रसित होने के कारण उन्हें अपने दैनिक कार्यों को करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। चंपालाल की एक छोटी सी चाय की दुकान है जिससे वह अपनी जीविका चलाते हैं। चंपालाल का कहना है कि वह पहले बाजार के कार्यों से दूध लाना, चाय सामग्री आदि के लिए दूसरे लोगों पर निर्भर थे या फिर उन्हें दुकान छोड़कर बड़ी परेशानी से बाजार जाना पड़ता था जिससे दुकान की ग्राहकी पर भी असर पड़ता था। लेकिन अब ट्रायसायकल मिलने से बाजार आदि का कार्य समय से कर लेते हैं और दुकान भी अब सही से चलने लगी है जिससे उनकी आमदनी भी बड़ने लगी है।  

     जिला विकलांग एवं पुर्नवास केन्द्र द्वारा ट्रायसायकल प्राप्त होने के बाद अब वह बहुत खुश नजर आ रहे हैं। क्योंकि अब उन्हें पहले जैसी परेशानी नहीं आती है, वह कहीं पर भी आसानी से जा सकते हैं। चंपालाल द्वारा दिव्यांगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का धन्यवाद देते हुए जिला विकलांक एवं पुर्नवास केन्द्र का आभार व्यक्त किया गया है। 

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