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आष्टा : आगामी त्योहारों के मद्देनजर शांतिसमिति की बैठक सम्पन्न।

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आगामी धार्मिक त्योहारों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एवम कोविड 19 के बचाव सम्बन्धी दिशा निर्देशों का आम जनमानस द्वारा पूर्णतः पालन किये जाने को लेकर आष्टा थाना परिसर में समाज जनो , स्थानीय अधिकारियों व पत्रकारों की उपस्थिति में शांति समिति की बैठक सम्पन्न हुई ।बैठक में प्रमुख रूप से अधिकारियों में एसडीएम विजय मंडलोई एसडीओपी मोहन सारवान टी आई सिद्धार्थ प्रदर्शन एवं तहसीलदार रघुवीर सिंह मरावी , नपा सी एम ओ नंदकिशोर परसनिया आदि उपस्थित रहे । बैठक में शासन के सुझाव अनुसार आगामी त्योहारों को मनाए जाने हेतु दिए दिशा निर्देश।

आष्टा नगर में आने वाले त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई शांति समिति की बैठक बैठक में नगर के गणमान्य नागरिकों के साथ पत्रकार भी हुए शामिल आने वाली 17 तारीख से नवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा जिसमें नगर अनेकों सार्वजनिक स्थलों पर पंडाल सजाए जाएंगे वह आने वाले 7 तारीख को मोहर्रम चालीसा का जुलूस भी शामिल है इसी को ध्यान में रखते हुए शासन के नई गाइडलाइन अनुसार समस्त त्यौहार मनाएं जाएं गाइड लाइन में जहां पण्डालों एवं मूर्तियों की ऊंचाई आदि के बारे में दिशा निर्देश जारी किए गए है।

वही पांडालों में मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है हाथों को सैनिटाइज करना एवं प्रत्येक पांडवों के संचालकों कार्यकर्ताओं को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि भीड़ बड़ी संख्या में पंडालों में अधिक समय तक जमा न रहे वही दूसरी ओर डीजे को प्रतिबंधित रहते हुए सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए लाउडस्पीकर का उपयोग करने की बात कही

जुलूस जलसो के साथ ही सामाजिक धार्मिक कार्यक्रर्मो में के जुलूस जलसों को भी प्रतिबन्धित किया गया है। विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित किए जाने वाले प्रतिमा ताजिए की ऊंचाई पर जो प्रतिबंध पूर्व में लगा था उसे हटा दिया गया पंडालों का आकार 30 बाई 45 फीट नियत जाता है साथ ही यह भी निश्चित किया जाएगी पांडाल जहां बने वहां आने जाने का रास्ता खुला रहे यह भी निश्चित किया गया है कि पंडाल संकुचित जगह पर नहीं जगह जहां एक साथ भीड़ इकट्ठी होने की संभावनाएं हो श्रद्धालु दर्शक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए निर्धारित स्थलों पर पहुंचे मूर्ति विसर्जन के समय आयोजक कर्ताओं के 10 से अधिक लोग शामिल ना हो इसके लिए आयोजक करता हूं तो अलग से जिलाधीश महोदय से अनुमति लेना अनिवार्य हो गई जोकि लिखित में होना अनिवार्य है वही गरबा का आयोजन भी नहीं होगा वही रावण दहन के पूर्व परंपरागत

श्री राम के चल समारोह प्रतीकात्मक रूप से अनुमति लेना अनिवार्य होगा रावण दहन का कार्यक्रम खुले मैदान में फेस मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग की शर्तों का पालन करते हुए आयोजक समिति को कलेक्टर महोदय से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगी साथ ही कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार के समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा ।
इस बार भी बैठक में उपस्थिति का अभाव रहा ।

 

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