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आष्टा : हत्या के मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजाहत्या के दो आरोपियों रामप्रसाद एवं देवराज को आजीवन कारावास की सजा ।

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हत्या के मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजाहत्या के दो आरोपियों रामप्रसाद एवं देवराज को आजीवन कारावास की सजा

आष्टा। 15 मई को आष्टा थाने के ग्राम अमीपुर में रास्ते के विवाद में हुई मारपीट में गम्भीर घायल हेमराज सेंधव आत्मज धनसिंह सेंधव की इलाज के दौरान भोपाल के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी।आज इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सरिता वाधवानी ने हत्या के आरोपी रामप्रसाद आत्मज बापूसिंह निवासी अमीपुर,देवराज आत्मज रामप्रसाद जो की पिता पुत्र है निवासी अमीपुर को धारा 302 में  आजीवन कारावास की सजा सुनाई एवं 5-5 हजार का अर्थदंड से दंडित किया,एवं धारा 302 में आरोपी देवराज को 5 साल की सजा, 2500/- रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।अभियोजन पक्ष की और से पैरवी करने वाले अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र सिंह ठाकुर,अपर लोक अभियोजक कृपालसिंह ठाकुर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया की 15 मई 2017 को ग्राम अमीपुर निवासी हेमराज आत्मज धनसिंह जाति सेंधव प्रातः 7 बजे घर से अपने खेत जा रहा था तभी आरोपीगण रामप्रसाद एवं देवराज ने हेमराज का रास्ता रोक रास्ते की बात को लेकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।आरोपी देवराज ने मृतक हेमराज को जान से मारने की नियत से खल्ला मारा एवं रामप्रसाद ने लाठी से मारपीट शुरू कर दी।हेमराज की चिल्ला चोट सुन कर उसका लड़का कृपालसिंह, चंदरसिंह, ताराचंद,कमलसिंह,हेमराज को बचाने गये तो आरोपी देवराज ने कृपालसिंह के सिर में भी खल्ला मारा।घटना के बाद गम्भीर घायल हेमराज को भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया,जहां इलाज के दौरान 15 मई को शाम को ही हेमराज सेंधव की मृत्यु हो गई। कमलसिंह आत्मज भगवतसिंह ने आष्टा पुलिस को सूचना दी।घटना की सूचना पर आष्टा पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।आज माननीय न्यायालय ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत सभी मौखिक,दस्तावेजी साक्ष्य को विश्वशनीय मानते हुए दोनो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

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