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आष्टा : श्रीमद देवी भागवत महापुराण ज्ञानगंगा कथा को सुनने उमड रहा है भक्तो का जनसैलाब,कथाव्यास डॉ. दीपेश पाठक द्धारा त्रिदेवी का सुंदर वर्णन किया गया

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श्रीमद देवी भागवत महापुराण ज्ञानगंगा कथा को सुनने उमड रहा है भक्तो का जनसैलाब
आष्टाः-नगर के गीतांजली गार्डन कन्नौद रोड आष्टा मे देवी भागवत कथा के पॉचवे दिन कथाव्यास डॉ दीपेष पाठक द्धारा त्रिदेवी का सुंदर वर्णन किया गया–
आष्टाः-नगर के मध्य स्थित गीतांजली गार्डन कन्नौद रोड पर चल रही संगीतमय श्रीमद देवी भागवत कथा का रसपान नगरपुरोहित डॉ दीपेष पाठक द्धारा किया जा रहा है। मुख्य यजमान पं सुरेष जी एंव श्रीमति निषा दुबे के द्धारा प्रतिदिन प्रातकालीन देवताओ की वैदिक पूजन एंव दोपहर 2 से 5 बजे तक कथाव्यास डॉ दीपेष पाठक श्री मद देवी भागवत कथा का रसपान करा रहे है। इस देवी भागवत कथा को श्रवण करने हेतू प्रतिदिन श्रद्धालुओ का अपार जन समूह उमड रहा है । कथा के पाचवे दिवस कथाव्यास डॉ दीपेष पाठक का आष्टा नगर के प्रथम नागरिक नपाध्यक्ष कैलाष जी परमार एंव प्रभूप्रेमी संध के महासचिव प्रदीप प्रगति के द्धारा श्रीमद भागवत का पूजन कर कथाव्यास का स्वागत किया गया । इसके पष्चात कथाव्यास पं पाठक ने देवी के त्रिदेवी स्वरुप महाकाली,महालक्ष्मी,महासरस्वती के त्रिगुण स्वरुप का सुदंर वर्णन करते हुए उनकी आराधना को बडे ही सरल एंव सहज रुप मे विस्तृत समझाया गया। पं पाठक ने बताया कि महिषासुर राक्षस के विनाष के लिए सभी देवी देवताओ ने मॉ की आराधना की थी। तभी देवी मॉ सप्तश्रृंगी अवतार मे प्रकट हुई ओैर महिषासुर से युद्ध कर उसका वध किया गया । इसी प्रकार त्रिदेवी ने विभिन्न दैत्यो का भी वध किया। महिषासुर मर्दनी वध के आख्यान पष्चात आष्टा नगर की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना स्वर्णपदक विजेता कु कौषिकी श्रीराम श्रीवादी के द्धारा सुंदर सा नृत्य महिषासुर मर्दनी वध पर प्रस्तुत किया गया। जिसने भक्तो को भाव विभोर कर मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तो ने तालियो की गडगडाहाट के साथ कलाकारा का स्वागत किया और व्यासपीठ पर आसीन कथाव्यास द्धारा कु कौषिकी का बहुमान किया । प्रभूप्रेमी संघ महिला मंडल की अध्यक्ष सरोज पालीवाल के द्धारा शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नेमावर से पधारी साध्वी अखिलेष्वरी देवी का स्वागत भी किया गया। इसके पष्चात आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। आज के प्रसाद के लाभार्थी के रुप मे दीनदयाल सेनी एंव प्रदीप मुदडॉ थे। कार्यक्र्रम का सफल संचालन श्रीमति विजयालक्ष्मी उपाध्याय द्धारा किया गया।
गुरुदेव का किया गया बहुमानः-आष्टा नगर के इतिहास मे पहली बार संगीतमय श्रीमद देवी भागवत महापुराण का सहज एंव सरल भाषा के स्वरुप मे वर्णन एंव रसपान कराने पर आष्टा नगर के भक्तगणो को बडे ही आंनद की अनुभति हो रही है। कथाव्यास की ओजस्वी वाणी के अमृतमय दिव्य व्याख्यान का रसपान होने पर भक्तगण मंत्रमुग्ध एंव भावविभोर होकर श्रीमद भागवात के प्रति अपने चित्त के आंनद को नृत्य कर श्रद्धारुप मे अभिव्यक्त कर रहे है। साथ ही सभी समाजो व सामाजिक संगठनो के द्धारा अपने नगर के कथाव्यास का बहुमान किया जा रहा है । स्वर्णकार समाज,र्स्वणकार समाज महिला मंडल,गौकुल मानस मंडल,वैष्णव छीपा नामदेव समाज महिला मंडल,ताम्रकार समाज महिला मंडल,श्री बजरग महिला मंडल,इनरवीहर क्लब,प्रूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमति मीना सिंगी,कालू भट्ट्र पूर्व पार्षद,सहित विभिन्न महिला मंडलो एंव राजनीतिक व्यक्तियो व समाज के गणमान्य नागरिको के द्धारा कथाव्यास नगरपुरोहित डॉ दीपेष पाठक का बहुमान किया गया।

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