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आष्टा : शंकर मंदिर मामले पर प्रशासन का बैकफुट ,हिंदू संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने बदला फैसला।

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आष्टा शंकर मंदिर मामले पर प्रशासन बैकफुट पर हिंदू संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने बदला फैसला

आष्टा एसडीएम द्वारा मंदिर से लाउडस्पीकर उतारने को लेकर कुछ दिनों पूर्व एक फरमान जारी किया गया था यह फरमान में तूल पकड़ते हुए हिंदू संगठनों को जगाया और हिंदू संगठनों के जागते ही प्रशासन को अपना फैसला वापस लेना पड़ा

पढ़े क्या था मामला

आष्टा में पांडव कालीन प्रसिद्ध शंकर मंदिर पर आफत के बादल छा गए जब मंदिर के पुजारी महेंद्र गिरी महाराज को तहसील कार्यालय कार्यालय बुलाया गया और एसडीएम अंजू विश्वकर्मा द्वारा कहा गया के प्रातः भस्म आरती के समय आप ध्वनि विस्तारक यंत्र यानी लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं करेंगे और इसके पीछे एसडीएम द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया और धमकी भरे शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया इस पर हिंदू संगठन और भाजपा कार्यकर्ता ने आंदोलन खड़ा करते हुए शासन और सीहोर जिले के प्रभारी मंत्री आरिफ अकील के खिलाफ नारेबाजी भी की इस मौके पर देवास शाजापुर लोकसभा सीट के सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी आष्टा विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय भाजपा नेता कालू भट्ट मंदिर के पुजारी सभी हिंदू संगठनों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रहै, प्रशासन द्वारा पार्वती नदी के मुहाने पर स्थित प्राचीन शंकर महादेव मंदिर में सुबह की भस्म आरती का प्रयोग किया जाता है इस दौरान आरती लाउडस्पीकर पर प्रसारित की जाती है बंद कराने के निर्देश के बाद मामले ने तूल पकड़ा

हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने दिया ज्ञापन

एसडीएम द्वारा तुगलकी आदेश जारी कर किए जाने के बाद आस्था नगर में मानो अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया सोए हुए हिंदू संगठन अचानक जाग गए और उन्होंने इस बात का विरोध किया हिंदू संगठन भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कल तहसील पहुंचे और प्रशासन और प्रभारी मंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार अंकिता बाजपेई को सौंपा गया

सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी मामले की सूचना मिलते ही देर रात पहुंचे आज तक

आष्टा नगर के प्राचीन शंकर मंदिर में बरसों से सुबह 5:00 बजे बाबा महाकाल की तर्ज पर भस्म आरती करने की सनातन परंपरा है और एसडीम द्वारा दिए गए तुगलकी आदेश ने मानव पुर हिंदू समुदाय को हिला दिया मामले की जानकारी मिलते ही देवास शाजापुर लोकसभा सीट के सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी देर रात अपने समर्थकों से मिलने आष्टा शंकर मंदिर पहुंचे जब वह शंकर मंदिर पहुंचे तो 200 से अधिक युवाओं की भीड़ रात्रि 12:00 बजे देखकर अचंभित हो गए उन्हें समझ में आ गया कि मामला बड़ा गंभीर है उन्होंने सभी को संबोधित करते हुए कहा किसी को डरने की आवश्यकता नहीं है आरती यथावत होगी और अगर फिर भी आवश्यकता पड़ी तो मैं एसडीएम एसडीओपी डीएम से भी चर्चा करूंगा फिर भी बात नहीं मानी तो मैं भोपाल जा कर मुख्यमंत्री कमलनाथ जी से भी चर्चा करूंगा।

सोशल मीडिया पर मचा कोहराम

शंकर मंदिर मामले में मानो नगर को हिला दिया सोशल मीडिया पर तरह तरह की पोस्ट है देखने को मिली किसी ने लिखा कि यह तुगलकी फरमान है तो किसी ने लिखा प्रशासन की कार्यवाही न्याय संगत नहीं है तो किसी ने लिखा कि अगर कार्रवाई करना ही है तो एक तरफा क्यों

एसडीएम ने ली हिंदुत्व समिति सदस्यों की बैठक प्रशासन आया बैकफुट पर

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम र आज बैठक बुलाई गई और फैसले को रद्द करते हुए वर्षों से चली आ रही परंपरा को यथावत रखने के निर्देश दिए गए ।

पुलिस प्रशासन ने बनाए रखी पूरी नजर

मामले की गंभीरता को देखते हुए माहौल ना बिगड़े इसे लेकर भी आष्टा के दोनों वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसडीओपी श्री वीरेंद्र मिश्रा और आष्टा थाना प्रभारी अरुणा सिंह अपनी सतत निगाहें बनाए हुए थे देर रात तक दोनों अपने अधीनस्थ अधिकारियों के जरिए फीडबैक लेते हुए नजर आए।

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