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आष्टा : मैना के आदर्श स्कूल संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में किया पेश, 19 तक का लिया पुलिस रिमांड पर,फर्जी टी सी से सेंकडो छात्रों को 12वी की परीक्षा दिलवाने का आरोप।

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मैना के आदर्श स्कूल संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में किया पेश, 19 तक का लिया पुलिस रिमांड ,फर्जी टीसी, मार्कशीट आदि करना है बरामद आष्टा। पुलिस ने बीते शिक्षा सत्र में मैना के एक प्राइवेट स्कूल संचालक द्वारा फर्जी टीसी एवं ग्यारहवीं के फेल विद्यार्थियों को 12वीं का नियमित छात्र बताकर परीक्षा दिलाने के मामले में गिरफ्तार कर विद्वान न्यायाधीश मनोज भाटी के न्यायालय में पेश कर 19 तारीख तक का पुलिस रिमांड लिया है। वही उक्त स्कूल की मान्यता को शिक्षा विभाग द्वारा 12 मार्च को एक आदेश जारी कर आगामी शिक्षा सत्र से समाप्त कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मैना के आदर्श एकेडमी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की मान्यता शैक्षणिक सत्र 2019- 20 की समाप्त की गई है। पार्वती थाना के सहायक उप निरीक्षक राजकुमार यादव ने उक्त स्कूल के संचालक जगदीश परमार पिता बद्रीप्रसाद उम्र 45 साल निवासी मैना को धारा 420, 467, 468 भादवि के तहत गिरफ्तार कर विद्वान न्यायाधीश मनोज भाटी के न्यायालय में पेश किया । 19 मार्च तक का पुलिस रिमांड लिया है ।उक्त स्कूल संचालक जगदीश परमार ने बीते वर्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड द्वारा संचालित कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं की परीक्षा के लिए मैना के आदर्श एकेडमी उच्च माध्यमिक विद्यालय के नाम से फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाया था जो कि शिक्षा विभाग के नियम अनुसार बोर्ड परीक्षा में पात्रता नहीं रखते थे। उस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी को कक्षा 10 वीं में 95 तथा कक्षा 12वीं में 150 छात्र छात्राओं के सम्मिलित होने हेतु परीक्षा फार्म सम्मिलित किए गए थे ।जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा परीक्षा के दौरान कराए गए निरीक्षण में कक्षा दसवीं में 95 परीक्षार्थियों में से 29 पात्र एवं 66 अपात्र परीक्षार्थी पाए गए थे ।इसी प्रकार 12 वीं की परीक्षा में 150 परीक्षार्थियों में से मात्र 2 परीक्षार्थी के फार्म बोर्ड ने खारिज कर दिए थे, 44 पात्रों व106 अपात्र परीक्षार्थी पाए गए थे। अपात्रता का कारण विद्यालय में प्रवेश लेने हेतु जिस अहारतादायी कक्षा की अंकसूची लगाई गई व अन्य विद्यालय की है एवं स्थानांतरण प्रमाण पत्र टीसी, स्कॉलर रजिस्टर में नहीं लगाई गई और न ही संस्था द्वारा जांच हेतु उपलब्ध कराई गई। उक्त संस्था द्वारा प्रस्तुत स्कॉलर पंजी में पाए गए 42 स्थानांतरण प्रमाण पत्र की जांच में पाया गया कि सभी स्थानांतरण प्रमाण पत्र अशासकीय ग्रीन फील्ड हाई सेकेंडरी स्कूल कोठरी के हैं ।जिनका मिलान उक्त विद्यालय में स्कॉलर पंजी से कराने पर पाया गया कि स्थानांतरण प्रमाण पत्र स्कॉलर पंजी में दर्ज स्कॉलर नंबर तथा नाम में भिन्नता है ,जो संदिग्ध है तथा प्रमाण पत्र पर संकुल प्राचार्य कोठरी के प्रति हस्ताक्षर की सिल व हस्ताक्षर का मिलान प्राचार्य एवं संकुल अंतर्गत कार्यरत किसी भी कर्मचारी के नहीं पाए गए।ऐसी अनेक अनियमितताएं निरीक्षण के दौरान पाई गई थी। जिसको लेकर अनेकों बार शिकवा शिकायत भी की गई थी ।उक्त संस्था को कारण बताओ सूचना पत्र भी 25 अक्टूबर 2018 को दिया गया था ।जो जवाब उक्त आदर्श एकेडमी उच्च माध्यमिक विद्यालय मैना द्वारा दिया गया था ।वह तथ्यों एवं प्रमाणों पर आधारित नहीं होने से मान्य किए जाने योग्य नहीं पाया था। संस्था प्राचार्य ने अपने दायित्वों का निर्वाहन माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा प्रवेश परीक्षा संबंधी मार्गदर्शिका ऑनलाइन भरने के निर्देश परीक्षा वर्ष 2018 की कंडिका का पालन भी नहीं किया है ।संयुक्त संचालक लोक शिक्षण भोपाल संभाग भोपाल राजीव सिंह तोमर ने अपने आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी के प्रतिवेदन एवं तथ्यों को पूर्ण परीक्षण एवं दस्तावेजों के अवलोकन से स्पष्ट पाया की संस्था अशासकीय आदर्श एकेडमी उच्च माध्यमिक विद्यालय मैना विकासखंड आष्टा जिला सीहोर द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषप्रद नहीं माना तथा संस्था नियम विरुद्ध कार्य की दोषी सिद्ध होती है । यह भी विदित रहे की इस मामले की शिकायत एवं समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशन होने के पश्चात तत्कालीन कलेक्टर ने एफ आई आर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे , उक्त निर्देश का शिक्षा विभाग के नुमाइंदों ने पालन नहीं कराया । अब जाकर इस प्रकरण में पुलिस ने कई में की और आरोपी को गिरफ्तार कर 17 मार्च की दोपहर को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड भी लिया है। यह भी विदित रहे की बीते दिनों संयुक्त संचालक लोक शिक्षण श्री तोमर ने अपने आदेश में उल्लेखित किया कि उक्त तथ्यों एवं विधि सम्मत प्रमाणों के आधार पर अशासकीय आदर्श एकेडमी उच्च माध्यमिक विद्यालय मैना की माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शालाओं की मान्यता नियम 2017 की कंडिका 11 .2 अनुसार शैक्षणिक सत्र 2019-20  से मान्यता समाप्त की जाती है।

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