Take a fresh look at your lifestyle.

आष्टा : भक्ति रस में डूबा हुआ ज्ञान वैराग से होती है भगवान की प्राप्ति -पं मोहित रामजी

0 18

भक्ति रस में डूबा हुआ ज्ञान वैराग से होती है भगवान की प्राप्ति -पं मोहित रामजी

आष्टा। परमात्मा की भक्ति से ओतप्रोत हुआ ज्ञान वैराग हमें सद मार्ग पर ले जाता है ।उस सदमार्ग पर चलने से सत्य अर्थात ईश्वर की प्राप्ति होती है ।इसलिए मानव को हर समय, हर घड़ी भक्ति रस में डूबा रहना चाहिए ।बिना भक्ति के ज्ञान वैराग मूर्छित व्यक्ति के समान रहते हैं ।इसलिए हर समय प्रभु का भजन करते रहें ।

    उक्त उद्गार आष्टा तहसील के ग्राम भंवरा में चल रही सप्त दिवसीय भागवत कथा के प्रथम दिवस कथा व्यास संत श्री पंडित मोहितरामजी पाठक ने व्यक्त किए ।आगे वर्णन करते हुए कहा कि जिस प्रकार वृंदावन में भक्ति अपने पुत्र ज्ञान और वैराग के मूर्छित होने से दुखी थी उसी प्रकार आज मानव ज्ञान और बैराग को भूल चुका है ।जिस कारण से उसकी भक्ति पंगु हो गई है और उसे परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो पाती। इसलिए हर घड़ी हर क्षण भगवान का भजन करते हुए, उनका नाम लेते रहें ।क्योंकि व्यक्ति को धन और दाम से संसार की प्राप्ति होती है ।भगवान के नाम से नारायण की प्राप्ति होती है, इसलिए भगवान से बड़ा भगवान का नाम होता है ।आज प्रथम दिवस की कथा में संपूर्ण पंडाल में 3:30 करोड़ भगवत नाम जप करने का संकल्प लिया एवं कथा के बीच बीच में मधुर भजनों के द्वारा श्रोताओं ने जमकर आनंद लिया ।आयोजक सिद्धेश्वर धाम समिति ग्राम भंवरा ने समस्त क्षेत्रवासियों से कथा में पधारकर धर्म का लाभ लेने का आग्रह किया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!