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आष्टा : बिंदु-सिंधु का हुआ महामिलन राष्ट्रसंत राजकीय अतिथि दर्जा प्राप्त मुनि पुलक सागर महाराज अपने गुरु आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज से वर्षों पश्चात मिले,हजारों श्रावक – श्राविकाएं हुए साक्षी

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बिंदु-सिंधु का हुआ महामिलन राष्ट्रसंत राजकीय अतिथि दर्जा प्राप्त मुनि पुलक सागर महाराज अपने गुरु आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज से वर्षों पश्चात मिले,हजारों श्रावक – श्राविकाएं हुए साक्षी

आष्टा। राष्ट्रसंत,शांतिदूत एवं प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त मुनि पुलक सागर महाराज सूरत से मंगल विहार करते हुए अपने गुरु पुष्पगिरी तीर्थ के प्रणेता आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज से मिलने गुरुवार 28 नवंबर को पुष्पगिरी तीर्थ पर पहुंचे । बिंदु का सिंदू से महामिलन देखने के लिए पुलक जन चेतना मंच मेन एवं महिला जागृति मंच मेन तथा पुलक मंच व महिला जागृति मंच सहित दूर-दूर से श्रद्धालुगण पुष्पगिरी पर पहुंचे थे।

       दिगंबर जैन समाज के प्रवक्ता नरेंद्र गंगवाल ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि पुष्पगिरी तीर्थ से करीब 2 किलोमीटर पहले आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज अपने संघस्थ शिष्यों के साथ मुनि पुलक सागर महाराज की अगवानी कर जुलूस के रूप में पुष्पगिरी पर लेकर पहुंचे । मुनि पुलक सागर जी महाराज के साथ पुलक मंच के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप बड़जात्या ,महिला जागृति मंच की राष्ट्रीय प्रमुख मीना झांझरी सहित हजारों श्रावकों एवं पुलक मंच ,महिला जागृति मंच की टीम इस दृश्य की साक्षी बनी। जहां बिंदु से सिंधु का महामिलन हुआ। विदित रहे कि पुष्पगिरी तीर्थ के प्रणेता आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज हमेशा अपने शिष्यों को लेने के लिए स्वयं पहुंचते हैं और जिस प्रकार एक मां और पिता अपने पुत्र को उंगली पकड़ कर लेकर चलते हैं, उसी प्रकार आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज अपने शिष्य पुलक सागर महाराज का हाथ पकड़कर पुष्पगिरी तीर्थ पर लेकर पहुंचे।

पुलक सागर जी को आचार्य पद मिला

राष्ट्रीय संत मुनि पुलक सागर महाराज सहित 4 मुनियों को पुष्पगिरी तीर्थ के प्रणेता आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज ने शुक्रवार को आचार्य श्री की पदवी देकर आशीर्वाद दिया। पुलक सागर महाराज को आचार्य पद दिए जाने पर पुलक मंच मेन एवं महिला जागृति मंच मेन ने हर्ष व्यक्त कर पुष्पदंत सागर महाराज का आभार व्यक्त किया।

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