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आष्टा : फर्जी दस्तावेजो पर ऋण लेने वाले आरोपी ,सर्च करने वाले वकील और बैंक प्रबंधक को न्यायालय ने सुनाई सजा ।

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फर्जी डायवर्सन आदेश एवं फर्जी भूमि दस्तावेजो पर ऋण लेने वाले आरोपी एवं सर्च करने वाले वकील और बैंक प्रबंधक को न्यायालय ने सुनाई सजा , 

भारतीय स्टेट बैंक शाखा कन्नौद रोड आष्टा एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा मेहतवाड़ा से कूट रचित दस्तावेजोंं के आधार पर ऋण लेने एवं देने के दो मामलों में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा तत्कालीन शाखा प्रबंधक, अधिवक्ता और एक ऋणी को कारावास एवं अर्थ दंड से दंडित करते हुए इस मामले में दो अन्य आरोपियों को बरी किया हैं।
    ज्ञात रहे कि वर्ष 2010 में भारतीय स्टेट बैंक शाखा कन्नौद रोड आष्टा से 10 लाख रूपये एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा मेहतवाड़ा से वर्ष 2009 में सीसी लिमिट 35 लाख एवं केसीसी ऋण 4 लाख 80 हजार रूपये के मामले को लेकर आष्टा और जावर थाने में अलग-अलग शिकायत की गई थी। इन दोनो  मामले में की गई जांच के लंबे अंतराल के बाद आष्टा और जावर पुलिस ने सुरेंद्रसिंह के अतिरिक्त सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा मेहतवाड़ा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक नेनसिंह मरकाम, अधिवक्ता ए.के.कुर्रेशी, नायब तहसीलदार हरिप्रसाद मकवाना, विजेंद्र जैन के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया था। इसी प्रकार भारतीय स्टेट बैंक शाखा कन्नौद रोड आष्टा की और से आष्टा पुलिस को की गई रिर्पोट के बाद पुलिस ने सुरेंद्रसिंह और अधिवक्ता ए.के.कुर्रेशी के विरूद्ध न्यायालय में चालान पेश किया गया। वही इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक डी. मुरलीधरन, फील्ड आफिसर हरिशचंद्र गौर के विरूद्ध भी जांच लंबित हैं, बताते हैं कि दोनो अधिकारी पुलिस को नही मिले। इधर दोनो ही मामलों में आष्टा और जावर पुलिस ने चालान न्यायालय में पेश किए।
    लोक अभियोजक कृपालसिंह ठाकुर के अनुसार दोनो प्रकरणों को द्वितीय अपर सत्र न्यायालय में उपार्पित किया गया। प्रकरण में आई साक्ष्य के बाद विद्वान न्यायाधीश श्री प्रदीप राठौर ने सभी पक्षों के तर्क श्रवण करने के बाद साक्ष्य का सूक्ष्मतापूर्वक विवेचन करने के उपरांत अपने निर्णय में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा मेहतवाड़ा के प्रकरण में पाच आरोपियों मे से सुरेंद्रसिंह को विभिन्न धाराओं में 3 एवं 7 वर्ष के कारावास के साथ विभिन्न धाराओं में अलग अलग  अर्थ दंड किया, जिसकी कुल राशि 50 हजार रूपये होती हैं। वही इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक नेनसिंह मरकाम को 3 वर्ष के कारावास के साथ 10 हजार रूपये का अर्थ दंड अधिरोपित किया गया हैं, वही अधिवक्ता ए.के.कुर्रेशी को 3 वर्ष के कारावास के साथ 10 हजार रूपये का अर्थ दंड  किया हैं। इस मामले में दो अन्य आरोपी नायब तहसीलदार हरिप्रसाद मकवाना और विजेंद्र जैन को बरी किया हैं।
    इसी प्रकार भारतीय स्टेट बैंक शाखा कन्नौद रोड आष्टा के प्रकरण में सुरेंद्रसिंह को विभिन्न धाराओं में 3 एवं 7 वर्ष के कारावास के साथ कुल 35 हजार रूपये का अर्थ दंड अधिरोपित किया हैं, वही इसी मामले में अधिवक्ता ए.के.कुर्रेशी को 3 वर्ष के कारावास के साथ 10 हजार रूपये के अर्थ दंड से दंडित किया गया हैं। इस मामले में अधिवक्ता ए.के. कुर्रेशी एवं शाखा प्रबंधक को अपील अवधी तक जमानत पर रिहा किया गया हैं।

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