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आष्टा : पीएससी चयनित सहायक प्राध्यापक संघ ने खोला मोर्चा, महू से भोपाल तक पदयात्रा कर और मुंडन कराकर जताया अपना आक्रोश

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आष्टा पीएससी चयनित सहायक प्राध्यापक संघ ने खोला मोर्चा महू से भोपाल तक पदयात्रा कर जताया अपना आक्रोश

मध्यप्रदेश में पीएससी चयनित सहायक प्राध्यापक संघ ने अब मोर्चा खोल दिया है अपनी मांगों को लेकर सहायक प्राध्यापक संघ महू से भोपाल तक पदयात्रा कर और मुंडन कराकर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहा है इसी तारतम्य में आज यह पदयात्रा आष्टा पहुंची जहां पर सामाजिक संस्थानों ने उनका स्वागत किया और सहायक प्राध्यापक संघ मीडिया से रूबरू हुआ।

पीएससी चयनित सहायक प्राध्यापक संघ प्रदेश के अध्यक्ष डॉक्टर प्रकाश खातरकर ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में पिछले 27 वर्षों से उच्च शिक्षा विभाग सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति नहीं कर रहा है हमारे सभी समाज की एक पूरी पीढ़ी गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अभाव में बर्बाद हो गई सरकारी महाविद्यालय की हालत बद से बदतर हो गई है मध्य प्रदेश के इन महाविद्यालयों में मजदूरों किसानों एवं वंचित वर्गों के बच्चे पढ़ते हैं तो क्या उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं चाहिए लेकिन बड़े पदों पर बैठे शासन और प्रशासन के लोग पीएससी चयनित सहायक प्राध्यापकों की भर्ती नहीं करना चाहते हैं या जानबूझकर इस भर्ती को अनावश्यक रूप से विलंब कर रहे हैं

हम सभी 2700 पीएससी से चयनित प्रोफेसर 24 नवंबर से स्वयं के संवैधानिक अधिकारों की हेतु संविधान रक्षा यात्रा से जुड़े हुए यात्रा का शुभारंभ महू से हुआ जिसमें हम बाबा साहब के चरणो में ज्ञापन सौंपकर यात्रा को प्रारंभ किया और विभिन्न स्थानों पर हम मुंडन करवा कर बालों को प्रतीकात्मक कलश में रखकर तिरंगा लेकर डफली बजा कर भीख मांगते हुए चल रहे हैं 25 नवंबर को ऑफिस पहुंचकर सचिव को ज्ञापन दिया जिसके बाद से भोपाल के लिए हमारी यात्रा यथावत जारी रहे भोपाल पहुंचने पर हम सब भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे जब भूख हड़ताल कब तक चलेगी जब तक की हमें नियुक्ति पत्र नहीं मिल जाते इससे पूर्व भी 16 जनवरी को शांति मार्च निकालकर 9 जून 2019 को सत्याग्रह एवं 1 अगस्त को नियुक्ति दो आंदोलन करके शीघ्र नियुक्ति के लिए सरकार से निवेदन किया था उस वक्त माननीय शिक्षा मंत्री ने हमें आश्वासन दिया था नियुक्तियां की जाएगी इस संबंध में हम कई बार निवेदन कर चुके हैं अब हम अपने हक को मांगने के लिए यह कदम उठा रहे हैं प्रतीक स्वरूप तकरीबन 5 लोगों ने आष्टा में मुंडन कराया और यात्रा भोपाल के लिए निकल गई।

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