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आष्टा : जघन्य एवं सनसनीखेज हत्या/बलात्कार के मामले में आरोपी को हत्या में आजीवन करावास एवं बलात्कार में 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 15 हजार रूपये का अर्थदण्ड

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जघन्य एवं सनसनीखेज हत्या/बलात्कार के मामले में आरोपी को हत्या में आजीवन करावास एवं बलात्कार में 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 15 हजार रूपये का अर्थदण्ड

आज दिनांक 18.05.2020 को सरिता वाधवानी, मान. प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आष्टा द्वारा पुलिस थाना जावर के सत्र प्रकरण क्रमांक 138/2018 के आरोपी अक्षय उर्फ कल्याण पिता कैलाश निवासी ग्राम गुराडि़या वर्मा को दोषी पाते हुये धारा 302 भादवि. में आजीवन कारवास एवं 10 हजार रूपये के अर्थदण्ड से तथा धारा 376 भादवि. में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि :-
दिनांक 17 मार्च-2018 को फरियादी गजराज सिंह पिता हरनाथ निवासी गुराडि़या वर्मा ने थाना जावर पर रिपोर्ट लिखवाई थी उसकी मां महुआ बीनने के लिये सुबह 7 बजे गई थी जो घर नहीं पहुंची, तब उसकी तलाश में उसके बड़े पापा के लड़के धर्मेन्द्र ने घर आकर बताया कि मॉ कुंडिया खाल में बेहोश पड़ी हैं और दोनों मोटर सायकल से कुण्डिया खाल पहुंचे तो देखा कि मॉ चित अवस्था में पड़ी हुई थी । उसके सिर में बीच में कान के उपर घाव बने हुये थे, खून निकल रहा था । उन्होने मां को हिला डुला कर देखा तो उसकी मृत्यु हो गई थी । मौके पर ही खून लगे पत्थर, पलास्टिक का टब तथा एक साड़ी में कच्चा लहसुन बंधा रखा था एवं दोनों चप्पल भी वही पड़ी हुई थी । मां कि किसी ने पत्थर अथवा किसी अन्य हथियार से सिर पर चोट पहुंचाई जिससे उसकी मृत्यु हो गई । उक्त घटना की रिपोर्ट पर थाना जावर में अपराध क्रमांक 77/2018 पंजीबद्ध किया जाकर अनुसंधान में लिया गया । अज्ञात आरोपी की तलाश, पतारसी के दौरान मुखविर से सूचना प्राप्त हुई कि कैलाशलाल का लड़का जो लक्ष्मीचन्द्र राठौर के यहॉ हाली का काम करता था वह घटना दिनांक से कही भाग गया हैं, जिसकी तलाश करते कैलाशलाल का लड़का कल्याण उर्फ अक्षय दिनांक 23.03.2018 को मिला । जिससे पूछताछ करते उसके द्वारा पुलिस को बताया गया कि महिला के साथ जबरन बुराकाम करने के लिये कहा तो उसने कहा कि मैं ऐसा काम नहीं करती हॅूं तेरी शिकायत तेरे बाप से करूगीं । इसी बात पर आरोपी ने पत्थर उठाकर महिला के कनपटी पर मार दिया जिससे वह नीचे गिर गई। उसके बाद उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया । प्रकरण की विवेचना के दौरान साक्ष्य एकत्रित करते हुये खून आलूदा कपड़े पेन्ट, शर्ट तथा एक टूटी हुई झूमकी जप्त की गई और आरोपी का मेडिकल परीक्षण/डीएनए परीक्षण (मृतका के द्वारा आरोपी के बाल पकड़े थे जिन्हें जप्त किया गया ) भी करवाया जाकर प्रकरण के सम्पूर्ण अनुसंधान उपरान्त आरोपी के विरूद्ध अपराध धारा 302,376 भादवि. में अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था ।
उपरोक्त प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुये पुलिस अधीक्षक सीहोर द्वारा प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में रखा जाकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीहोर श्री समीर यादव को नोडल अधिकारी एवं थाना प्रभारी जावर को समन्वयक अधिकारी नियुक्त किया जाकर प्रकरण की लगातार मानीटरिंग कराई गई ।
परिणामस्वरूप माननीय न्यायाधीश महोदय आष्टा द्वारा प्रकरण में अभियोग की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य/परिस्थितिजन्य साक्ष्य /वैज्ञानिक साक्ष्य को विश्वसनीय मानते हुये आरोपी को दोषी पाते हुये धारा 302 भादवि. में आजीवन कारवास एवं 10 हजार रूपये के अर्थदण्ड से तथा धारा 376 भादवि. में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।
प्रकरण में अभियोजन की ओर से श्री देवेन्द्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी आष्टा द्वारा पैरवी की गई ।

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