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आष्टा को मिली एशिया के सबसे बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब की सौगात,जनता बोली धन्यवाद कमलनाथ सरकार।

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इंदौर-भोपाल के मध्य बनने वाले एक्सपे्रस-वे की स्वीकृति के बाद सरकार इस कॉरिडोर को विकसित करना चाहती हैं। प्रदेश सरकार की इस योजना का लाभ आष्टा को इसलिए मिल रहा हैं कि आष्टा इंदौर-भोपाल के मध्य बनने वाले एक्सपे्रस-वे के बीच में आता हैं। यदि सबकुछ ठीक रहा तो नार्वे की सरकारी कंपनी ग्राम झिल्ला स्थित 532 एकड़ भूमि पर 8 हजार करोड की लागत से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी सेंटर का निर्माण करेगी। विभिन्न माध्यमों के साथ सोशल मीडिया से मिली जानकारी के बाद अब इस सेंटर को लेकर हर जगह चर्चा हो रही हैं।

कंपनी अपनी जरूरत की बिजली तो बनाएगी ही, साथ ही सरकार को भी बिजली की आपूर्ति करेगी। इसके लिए कंपनी सौरऊर्जा के माध्यम से बिजली बनाएगी। प्रदेश की कमलनाथ सरकार के इस फेसले से आष्टा को जहा अनेक लाभ मिलेगे, वही यह शहर विश्व मानचित्र पर आ जाएगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी सेंटर को लेकर जिस प्रकार की जानकारी प्राप्त हो रही हैं, उसके चलते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के सेंटर हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बड़ा कदम उठाया है।

इसके तहत नार्वे की सरकारी कंपनी प्रदेश के आष्टा में साउथ एशिया का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर बनाएगी। एशिया में अभी सिर्फ चीन में छोटे सेंटर हैं, लेकिन आष्टा में बनने वाला यह सेंटर चीन से भी कई गुना बड़ा होना बताया जा रहा हैं। इस सेंटर में गूगल जैसी कई बड़ी कंपनियों के आकाशीय डाटा शामिल रहते हैं। इस प्रकार का सेंटर अत्यधिक सिक्योरिटी जोन होता है। 


सरकार आगामी इन्वेस्टर समिट के पहले ही इसका एमओयू फाइनल कर देगी। नार्वे की सरकारी कंपनी के प्रतिनिधियों को सरकार ने इस पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस प्रोजेक्ट के लिए जिस स्थान का चयन किया जाना संभावित हैं वह स्थान आष्टा का झिल्ला गांव बताया जा रहा हैं। यहां पर 532 एकड़ जमीन उद्योग विभाग कंपनी को आवंटित करेगा। सूत्रों की माने तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए सबसे ज्यादा आवश्यकता बिजली की हैं।

इस सेेंटर के लिए नार्वे की सरकारी कंपनी सोलर एनर्जी से बिजली बनाएगी। पीकऑवर्स में बिजली प्रदेश सरकार को भी मिलेगी। बाद में प्रदेश सरकार यह बिजली इसी कंपनी को देगी। इस सेंटर में गूगल सहित जो भी तकनीकी वेब आकाश में रहती हैं, उसका भंडारण होता है। जिसकी यह सेंटर देखभाल करता हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी सेंटर का काम आकाश में चलने वाली करने वाली हर प्रकार की आनलाइन और ऑफलाइन तरंगों को स्टोर करना। जिस प्रकार गूगल पर किसी विषय को सर्च किया तो उस विषय का वर्णन या डाटा डिस्प्ले होगा। यह वर्णन एक भंडार से निकलकर आता है। यह भंडार सेंटर में रहता है। आष्टा में बनने वाला ये स्टोरेज एशिया का सबसे बड़ा होने के कारण समूचे एशिया के लिए हब का काम करेगा।


इस सेंटर का  आष्टा को मिलने के पीछे जो सबसे बडा कारण हैं, वह हैं इंदौर.भोपाल के बीच बनने वाले एक्सप्रेस.वे के मध्य में आष्टा का होना। प्रदेश सरकार इंदौर.भोपाल के बीच कॉरिडोर विकसित करके बहुराष्ट्रीय कंपनियां लाना चाहती है। अब यह सेंटर आष्टा में तय होने से यहा पर और भी कई नामी कंपनियां आ सकती हैं। प्रदेश की कमलनाथ सरकार के इस बडे फेसले से आष्टा के आस पास और भी कंपनिया आ सकती हैं, जिसका लाभ स्थानीय लोगो को तो मिलेगा ही यह शहर भी विश्व मानचित्र पर आ जाएगा।

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