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आष्टा:【परीक्षा विशेष】 बच्चों पर अपेक्षाओं का बोझ बिल्कुल नहीं डालें अभिभावक – धर्मेंन्द्र गौतम।

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बच्चों पर अपेक्षाओं का बोझ बिल्कुल नहीं डालें अभिभावक – धर्मेंन्द्र गौतम
आष्टा। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं अगले माह से शुरू होने जा रही हैं। परीक्षा को लेकर अभिभावकों की अपेक्षाएं विद्यार्थियों के लिए घातक हो सकती हैं। अभिभावक बच्चों पर अपेक्षाओं का बोझ न डालें। जैसे-जैसे परीक्षा की तिथियां नजदीक आ रहीं हैं विद्यार्थियों की धड़कनें भी बढ़ रहीं हैं। यह बात ग्रीन फील्ड कॉलेज के प्राचार्य धर्मेंन्द्र गौतम ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धा के समय में हर अभिभावकों की अपेक्षा रहती है कि उनकी संतान परीक्षा अच्छे से अच्छा नंबर लाए। इसी अपेक्षा में वे जाने-अनजाने बच्चों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव और तनाव डाल देते हैं। बच्चे के दिमाग में भी अपने माता-पिता की अपेक्षा पूरी करने के लिए अतिरिक्त मानसिक तनाव आ जाता है। जिसके चलते उनकी पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाती। परीक्षा परिणाम अपेक्षित नहीं रहने से विद्यार्थियों के मन में निराशा की भावना आ जाती है। कई बार परीक्षा में असफल होने या अभिभावकों की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरने पर विद्यार्थी गलत कदम भी उठा लेते हैं। श्री गौतम ने कहा कि परीक्षाओं में कुछ दिन ही बचे हैं। विद्यार्थी यह अच्छे तरीके से जान लें कि परीक्षाओं को लेकर तैयारी कैसे की जाए। साथ ही अभिभावक भी यह समझें की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों के साथ उनका व्यवहार कैसा हो। इससे बच्चे प्रसन्न मन से पढ़ाई करें और उन पर मानसिक तनाव न रहे। जैसा परिणाम आए उसे मंजूर करे
ग्रीन फील्ड कॉलेज की संचालिका बबीता गौतम ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से कहा कि बच्चों पर पढ़ाई के लिए दबाव बनाना बंद करें। यह परीक्षाओं का समय है। पढ़ाई के लिए दबाव बनाना वास्तव में बच्चों पर और अधिक तनाव डालना है। अभिभावक अपने बच्चों को यह जरूर कहें हम जानते हैं कि तुम परीक्षा में अच्छी परफारमेंस के लिए तैयार हो। अपनी तरफ से अच्छा करो। तुम्हारा जैसा भी परीक्षा परिणाम आएगा वह हमें मंजूर है।

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